देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बिहार में पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो सोशल मीडिया और टेलीग्राम चैनलों के जरिए छात्रों को परीक्षा का कथित ‘असली पेपर’ देने का दावा कर रहा था। आरोपी छात्रों और उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें भरोसा दिलाते थे कि उनके पास परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध है। जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया पर आकर्षक संदेश और पोस्ट साझा कर छात्रों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद वे मोटी रकम लेकर पेपर उपलब्ध कराने का वादा करते थे।
पुलिस ने चार लोगों को किया गिरफ्तार
मामले की जानकारी मिलने के बाद बिहार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों ने उनके पास से मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर फर्जी पेपर बेचने का काम कर रहे थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने कितने छात्रों से पैसे लिए हैं।
‘असली पेपर’ निकला फर्जी, छात्रों से की गई अपील
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में अब तक किसी भी तरह के वास्तविक NEET पेपर लीक होने के सबूत नहीं मिले हैं। आरोपी जिस प्रश्नपत्र को असली बता रहे थे, वह पूरी तरह फर्जी था। अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी टेलीग्राम चैनल, व्हाट्सऐप ग्रुप या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें। परीक्षा से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित एजेंसियों के माध्यम से ही प्राप्त करें।
सोशल मीडिया पर बढ़ते फर्जीवाड़े ने बढ़ाई चिंता
इस घटना के बाद एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में साइबर ठगी और फर्जी दावों को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के समय ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं और छात्रों की चिंता का फायदा उठाकर उन्हें ठगते हैं। पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचना जरूरी है। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति परीक्षा का पेपर दिलाने या अच्छे अंक दिलाने का दावा करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।
Read More-पहले CID, फिर ED… आखिर क्यों बढ़ रही हैं ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें?
