भारत ने 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस मौके पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री, जज और कई बड़े नेता इस समारोह में शामिल हुए। इसी दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बैठने की जगह को लेकर विवाद खड़ा हो गया। परेड से जुड़े वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि राहुल गांधी आगे की पंक्ति में नहीं, बल्कि तीसरी पंक्ति में बैठे हुए थे। यह बात कांग्रेस नेताओं को खल गई और उन्होंने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनका कहना है कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी को आगे की पंक्ति में बैठाया जाना चाहिए था।
कांग्रेस ने बताया परंपरा के खिलाफ
इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का एक खास प्रोटोकॉल होता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। तारिक अनवर ने कहा कि राहुल गांधी को आगे की पंक्ति में न बैठाना दुखद है। उन्होंने यह भी कहा कि साल 2014 के बाद से देश की कई पुरानी परंपराएं खत्म की जा रही हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिस तरह ब्रिटेन में नेता प्रतिपक्ष को ‘शैडो प्रधानमंत्री’ माना जाता है, उसी तरह भारत में भी विपक्ष के नेता को सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए। उनके मुताबिक सरकारी कार्यक्रमों में विपक्ष को पीछे करना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
तस्वीरों और वीडियो से बढ़ी बहस
गणतंत्र दिवस समारोह की तस्वीरों में यह भी दिखा कि राहुल गांधी से आगे की पंक्ति में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बैठे थे। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कुछ समय के लिए राहुल गांधी के साथ तीसरी पंक्ति में नजर आए। कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे आगे की पंक्ति में बैठे थे। कांग्रेस का कहना है कि संसद में विपक्ष की भूमिका को पहले ही कम महत्व दिया जाता है और अब सरकारी कार्यक्रमों में भी उन्हें उचित स्थान नहीं दिया जा रहा। इसी वजह से यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
राहुल गांधी का संविधान पर संदेश
इस पूरे विवाद के बीच राहुल गांधी ने गणतंत्र दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारतीय संविधान हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि संविधान ही हमारी आवाज है और यही हमारे अधिकारों की ढाल है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि समानता और आपसी भाईचारे से ही देश मजबूत बनता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद केवल बैठने की जगह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार और विपक्ष के बीच सम्मान और परंपराओं को लेकर चल रही बड़ी बहस का हिस्सा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज हो सकती है।
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