कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर असम पुलिस की टीम के पहुंचने से सियासी हलचल तेज हो गई है। पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस भी मौजूद रही और टीम ने मामले को लेकर पूछताछ की। यह कार्रवाई उस बयान के ठीक एक दिन बाद हुई है, जिसमें खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट होने का आरोप लगाया था। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
क्या बोले पवन खेड़ा, क्यों उठा विवाद?
5 अप्रैल को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री और उनके परिवार की संपत्ति व वित्तीय लेन-देन पर कई सवाल खड़े किए थे। उन्होंने दावा किया कि सीएम की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं और पूछा कि इसकी जरूरत क्यों पड़ी। खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह भारतीय कानून का उल्लंघन है, क्योंकि देश में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। उनके इन आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया और सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई।
एफआईआर के बाद तेज हुई कार्रवाई
इन आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइंया सरमा ने खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह बयान झूठा और मानहानिकारक है। एफआईआर दर्ज होने के अगले ही दिन असम पुलिस की टीम पूछताछ के लिए दिल्ली पहुंच गई। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं और इसे सियासी टकराव के रूप में देखा जा रहा है।
सीएम सरमा का पलटवार और आगे की रणनीति
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे इन आरोपों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा था कि 48 घंटे के भीतर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब एफआईआर और पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला और गंभीर हो गया है। आने वाले दिनों में यह विवाद अदालत तक जा सकता है, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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