महाराष्ट्र की सियासत के लिए आज की सुबह एक ऐसी खबर लेकर आई जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह करीब 8:45 बजे एक निजी विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस विमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सवार थे। बताया जा रहा है कि रनवे के बेहद करीब पहुँचते ही तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने की वजह से विमान क्रैश हो गया। देखते ही देखते मौके पर धुएं का गुबार उठने लगा और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था; इस दर्दनाक हादसे ने महाराष्ट्र के एक कद्दावर नेता को हमसे छीन लिया।
डिप्टी सीएम समेत 5 लोगों की मौत, प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंप
इस हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विमान का ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्राप्त सूचना के मुताबिक, इस दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ उनके निजी सहायक (PA), सुरक्षाकर्मी और प्लेन स्टाफ के सदस्य भी सवार थे। कुल 5 लोगों की इस हादसे में जान जाने की दुखद खबर सामने आई है। बारामती, जो कि पवार परिवार का गढ़ माना जाता है, वहां इस खबर के फैलते ही सन्नाटा पसर गया और बाजार बंद हो गए। पुलिस और जिला प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और हादसे के वास्तविक कारणों की जांच के लिए ब्लैक बॉक्स की तलाश शुरू कर दी गई है।
पीएम मोदी और अमित शाह ने लिया जायजा, दिल्ली से मुंबई तक शोक की लहर
जैसे ही यह खबर राजधानी दिल्ली तक पहुँची, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फोन कर घटना की विस्तृत जानकारी ली। पीएम मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। मुख्यमंत्री फडणवीस खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने राज्य में सभी सरकारी कार्यक्रमों को रद्द करने का निर्देश दिया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमों के नेता इस खबर पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं और इसे राज्य की राजनीति का एक काला अध्याय बता रहे हैं।
एक युग का अंत: अजित पवार के राजनीतिक सफर पर लगा विराम
अजित पवार केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि महाराष्ट्र की विकास नीति और जमीनी राजनीति के एक बड़े स्तंभ थे। बारामती से लेकर मंत्रालय तक, उनकी पकड़ और काम करने के उनके अंदाज का हर कोई कायल था। इस हादसे ने न केवल उनके परिवार को बल्कि उनके लाखों समर्थकों को अनाथ कर दिया है। फिलहाल उनके पार्थिव शरीर को अस्पताल ले जाया गया है, जहाँ प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की जा रही है। बारामती और मुंबई में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को संभाला जा सके। यह खबर न केवल एक व्यक्ति के जाने की है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में पैदा हुए उस शून्य की है जिसे भरना आने वाले समय में नामुमकिन होगा।
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