West Bengal News: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे अबू सुफियान की हत्या का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने उनकी कार को रोककर पहले गोलीबारी की और फिर धारदार हथियारों से हमला किया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।
घर लौटते समय कार पर हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक, अनीसुर रहमान अपने बेटे के साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान नकाशीपाड़ा इलाके में रेलगेट के पास कुछ लोगों ने उनकी कार को रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने कार पर गोलियां चलाईं और इसके बाद धारदार हथियारों से भी हमला किया। हमले में अनीसुर रहमान और उनके बेटे अबू सुफियान की मौत हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटनास्थल उनके घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर था। सूचना मिलते ही नकाशीपाड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शवों को अस्पताल भेजा गया। फिलहाल शव नकाशीपाड़ा के अस्पताल में रखे गए हैं। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े थे अनीसुर रहमान
अनीसुर रहमान नदिया जिले के जाने-माने कांग्रेस नेताओं में शामिल थे। वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य और नदिया जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव थे। इसके अलावा वह नकाशीपाड़ा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके थे। लंबे समय से पार्टी के संगठन से जुड़े रहने के कारण इलाके में उनकी पहचान एक सक्रिय नेता के रूप में थी। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी है। मृतक के परिवार की ओर से भी हमले को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक रिश्तेदार ने दावा किया कि अनीसुर लोगों के बीच रहते थे और पार्टी के लिए लगातार काम करते थे।
पुलिस खंगाल रही हमले की पूरी कहानी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे कौन लोग थे और हमला किस वजह से किया गया। हमलावरों की पहचान के साथ-साथ हत्या के पीछे की वजह और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस बीच पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अनीसुर रहमान और उनके बेटे की हत्या के विरोध में रविवार को पूरे राज्य में काला दिवस मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष और अल्पसंख्यकों की आवाज दबाने के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। अब पुलिस की जांच से ही साफ होगा कि इस हमले की असली वजह क्या थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।
