Tamil Nadu News: तमिलनाडु में आज का दिन राजनीतिक और प्रशासनिक लिहाज से अहम रहने वाला है। दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के बीच चेन्नई में मुलाकात हुई। अमित शाह ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए इसकी जानकारी दी। इसके बाद अब सबकी नजर आज चेंगलपट्टू के कोवलम में होने वाली क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर है, जहां दक्षिण भारत से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
अमित शाह और सीएम विजय की मुलाकात
गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की अध्यक्षता में होने वाली दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में दक्षिण भारत के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य ऐसे मामलों पर बातचीत करना है, जिनका असर एक से ज्यादा राज्यों पर पड़ता है। राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद, आपसी सहयोग और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। ऐसे में बैठक को दक्षिण भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पानी के बंटवारे से लेकर आंध्र प्रदेश पुनर्गठन तक कई मुद्दे
बैठक में नदी के पानी के बंटवारे से जुड़े विवाद सबसे अहम विषयों में शामिल हो सकते हैं। कर्नाटक और तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के अलावा तमिलनाडु और केरल के बीच पानी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम से जुड़े लंबित मामलों पर भी विचार किया जा सकता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, नागरिक उड्डयन और राज्यों के बीच साझा हितों से जुड़े अन्य विषय बैठक के एजेंडे में शामिल हैं। इन मुद्दों पर राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी होगा फोकस
क्षेत्रीय परिषद की बैठक केवल राज्यों के बीच विवादों तक सीमित नहीं रहेगी। राष्ट्रीय महत्व के कई सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। इनमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध की रोकथाम, दुष्कर्म के मामलों की जांच में तेजी और ऐसे मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट जैसे विषय शामिल हैं। शिक्षा से जुड़े मामलों पर भी राज्यों और केंद्र के बीच चर्चा हो सकती है। सरकार का उद्देश्य ऐसे विषयों पर राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है, ताकि योजनाओं और कानूनों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में कौन-कौन से राज्य शामिल हैं?
दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं। इसके अलावा पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप भी परिषद का हिस्सा हैं। क्षेत्रीय परिषदों का काम केंद्र और राज्यों के बीच बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान तलाशना है। सरकार के अनुसार, मजबूत राज्यों के जरिए मजबूत राष्ट्र बनाने की सोच के तहत इन परिषदों की भूमिका महत्वपूर्ण है। जून 2014 से अब तक क्षेत्रीय परिषदों और उनकी स्थायी समितियों की कुल 69 बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों के जरिए दो या अधिक राज्यों से जुड़े मामलों पर बातचीत और आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया जाता है।
