LPG रसोई गैस की कीमत हर परिवार के मासिक बजट से जुड़ी होती है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG के दाम बढ़ते हैं, तो लोगों को यह चिंता सताने लगती है कि घरेलू गैस सिलेंडर भी महंगा हो जाएगा। लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता। संसद में सरकार ने बताया कि आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार सरकारी तेल कंपनियों को आर्थिक सहायता देती है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं पर उसका पूरा असर नहीं पड़ता। सरकार का कहना है कि यदि यह मदद नहीं दी जाए तो लोगों को मौजूदा कीमत से कहीं ज्यादा राशि चुकानी पड़ सकती है। यही नीति घरेलू गैस को आम परिवारों की पहुंच में बनाए रखने का काम कर रही है।
₹1,695 की वास्तविक कीमत वाला सिलेंडर ₹942 में कैसे मिला?
सरकार के अनुसार जून 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमत काफी बढ़ गई थी। उस समय 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की बाजार आधारित कीमत करीब ₹1,695 तक पहुंच गई थी। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से केवल ₹942 ही वसूले गए। यानी एक सिलेंडर पर ₹700 से अधिक का अंतर सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने मिलकर वहन किया। यही कारण है कि लोगों को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर LPG गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य महंगाई का पूरा बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डालना है, ताकि आम परिवारों की रसोई पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े।
तेल कंपनियों को हजारों करोड़ की मदद, फिर भी भारी घाटा
राज्यसभा में दिए गए जवाब के मुताबिक, सरकार ने वर्ष 2022-23 में सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को ₹22,000 करोड़ का मुआवजा दिया था। इसके बाद 2025-26 और 2026-27 के लिए ₹30-30 हजार करोड़ की सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद घरेलू LPG की बिक्री पर तेल कंपनियों का नुकसान पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सरकार ने बताया कि 30 जून 2026 तक घरेलू LPG की बिक्री पर सरकारी तेल कंपनियों की कुल अंडर-रिकवरी ₹51 हजार करोड़ से अधिक हो चुकी थी। जुलाई 2026 में भी प्रति सिलेंडर ₹500 से ज्यादा का नुकसान बना रहा। इसका मतलब है कि कंपनियां लगातार घाटा सहकर भी लोगों तक गैस पहुंचा रही हैं और सरकार उनकी आर्थिक मदद कर रही है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिल रही अतिरिक्त राहत
सरकार ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10.5 करोड़ से अधिक परिवारों को अतिरिक्त राहत दी जा रही है। इस योजना के लाभार्थियों को हर 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर पर ₹300 की अतिरिक्त सब्सिडी मिलती है। इसके बाद दिल्ली जैसे शहर में लाभार्थियों के लिए सिलेंडर की प्रभावी कीमत घटकर लगभग ₹642 रह जाती है। सरकार का कहना है कि उसका लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाना और गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारों को महंगाई से राहत देना है। आने वाले समय में भी घरेलू गैस की उपलब्धता और कीमतों को संतुलित बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।
