Homeदेशअमेरिका के दबाव का नहीं पड़ा असर, रूस से तेल खरीद में...

अमेरिका के दबाव का नहीं पड़ा असर, रूस से तेल खरीद में भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड

मई 2026 में भारत ने रूस से करीब 6.7 अरब डॉलर के तेल, कोयले और अन्य ऊर्जा उत्पाद खरीदे। जानिए क्यों भारत लगातार बढ़ा रहा है रूस से तेल आयात और इसका देश को क्या फायदा हो रहा है।

-

भारत ने मई 2026 में रूस से बड़ी मात्रा में तेल और दूसरे ऊर्जा उत्पाद खरीदे हैं। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत रूस से ऊर्जा खरीदने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश रहा। इस दौरान भारत ने करीब 6.7 अरब डॉलर (लगभग 57 हजार करोड़ रुपये) के कच्चे तेल, कोयले और तेल उत्पादों का आयात किया। इससे साफ है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस से खरीद जारी रखे हुए है। सस्ते दाम पर मिलने वाले रूसी तेल की वजह से भारतीय कंपनियां इसकी खरीद बढ़ा रही हैं।

सबसे ज्यादा खरीदा गया कच्चा तेल

रिपोर्ट के मुताबिक, रूस से खरीदे गए कुल ऊर्जा उत्पादों में सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का था। भारत ने मई में बड़ी मात्रा में रूसी क्रूड ऑयल खरीदा, जिससे देश के कुल तेल आयात में भी बढ़ोतरी हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस का तेल दूसरे देशों की तुलना में सस्ता पड़ता है, इसलिए भारतीय रिफाइनरियां इसकी ज्यादा खरीद कर रही हैं। इससे कंपनियों को लागत कम रखने और बेहतर मुनाफा कमाने में मदद मिलती है।

रिफाइनरियों में बढ़ी रूसी तेल की सप्लाई

गुजरात और ओडिशा की कई बड़ी रिफाइनरियों में मई के दौरान रूसी तेल की सप्लाई बढ़ी है। जामनगर, वाडिनार और पारादीप जैसी रिफाइनरियों ने पहले के मुकाबले ज्यादा रूसी तेल प्राप्त किया। कुछ सरकारी रिफाइनरियों ने भी फिर से रूस से तेल खरीदना शुरू कर दिया है। इससे पता चलता है कि भारतीय कंपनियां सस्ती और भरोसेमंद सप्लाई को प्राथमिकता दे रही हैं। इसी वजह से रूस भारत के लिए तेल का एक बड़ा स्रोत बना हुआ है।

भारत की जरूरतें सबसे पहले

यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर कई पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन भारत ने हमेशा कहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसले लेगा। यही कारण है कि भारत रूस से तेल खरीदता रहा है। जानकारों का मानना है कि सस्ते तेल की वजह से भारत को ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। साथ ही भारतीय रिफाइनरियां तेल को प्रोसेस कर दूसरे देशों को भी पेट्रोलियम उत्पाद बेच रही हैं। इसलिए रूस से तेल आयात भारत की ऊर्जा और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

Read More-3 भारतीयों की मौत पर भड़का भारत, जयशंकर के विरोध के बाद अमेरिका ने दी बड़ी चेतावनी!

 

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts