पटना के चर्चित शिक्षक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले खान सर, जिनका वास्तविक नाम फैसल खान है, उनसे जुड़े मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर बुधवार को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने बिहार सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इस आदेश के बाद मामले को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। इससे पहले अदालत ने खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत दी थी, जिसके बाद अब उनकी कानूनी लड़ाई को एक और महत्वपूर्ण पड़ाव मिला है। शिक्षा जगत और उनके लाखों छात्रों की निगाहें अब इस मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
एफआईआर को बताया निराधार, जांच पर भी उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान खान सर की ओर से पेश किए गए पक्ष में कहा गया कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी तथ्यों पर आधारित नहीं है और इससे उनकी प्रतिष्ठा के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। याचिका में यह भी मांग की गई कि पुलिस निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करे। खान सर के वकीलों ने अदालत को बताया कि केस दर्ज होने के बाद से कोचिंग संस्थान का संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे छात्रों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। याचिका में एफआईआर को रद्द करने के साथ-साथ मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की गई है। अदालत ने दोनों पक्षों की शुरुआती दलीलें सुनने के बाद सरकार से जवाब मांगा और कहा कि उसके बाद मामले के तथ्यों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
कोचिंग संस्थान खोलने की मांग भी बनी सुनवाई का हिस्सा
खान सर की ओर से दायर याचिका में केवल एफआईआर को चुनौती ही नहीं दी गई, बल्कि उनके कोचिंग संस्थान को दोबारा सामान्य रूप से संचालित करने की अनुमति देने की भी मांग रखी गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि कानूनी विवाद के चलते छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है और बड़ी संख्या में युवा प्रभावित हो रहे हैं। अदालत में यह तर्क भी दिया गया कि शिक्षा से जुड़े संस्थानों पर अनावश्यक असर नहीं पड़ना चाहिए, खासकर तब जब मामले की जांच अभी जारी हो। हालांकि हाईकोर्ट ने इस पर तत्काल कोई अंतिम फैसला नहीं दिया, लेकिन सरकार का पक्ष सामने आने के बाद इस मुद्दे पर भी विचार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आने वाले हफ्ते इस मामले के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
अब सरकार के जवाब और अगली सुनवाई पर नजर
पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब बिहार सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करना होगा। सरकार के जवाब के आधार पर अदालत आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक एफआईआर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शिक्षा, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े कई पहलू भी सामने आएंगे। फिलहाल खान सर को मिली राहत ने उनके समर्थकों को कुछ हद तक राहत जरूर दी है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। आने वाले दिनों में सरकार का पक्ष और अदालत की अगली टिप्पणी यह तय करेगी कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ेगा। इसी कारण यह केस बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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