मध्य पूर्व के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 7 और 8 मई की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाज ‘अल फैज़ नूर सुलेमानी’ पर अचानक ड्रोन हमला हो गया। यह जहाज दुबई से यमन की ओर जा रहा था और जैसे ही वह जलडमरूमध्य के करीब पहुंचा, उसी दौरान वह कथित ‘क्रॉसफायर’ में फंस गया। इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन के महासचिव एडम भाया के मुताबिक उस रात इलाके में लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई चल रही थी। भारतीय समयानुसार करीब ढाई बजे जहाज पर ड्रोन आकर गिरा, जिससे जहाज का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के वक्त जहाज पर कुल 18 भारतीय क्रू मेंबर्स मौजूद थे। अचानक हुए धमाके से जहाज में भगदड़ मच गई और चालक दल के सदस्य अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया, लेकिन घटना ने एक बार फिर खाड़ी क्षेत्र की अस्थिर सुरक्षा स्थिति को उजागर कर दिया है।
हमले में भारतीय नाविक की मौत, चार घायल
इस ड्रोन हमले में भारतीय नाविक अल्ताफ तलाब केर की मौत हो गई। वह गुजरात के द्वारका जिले के जाम सुलाया कस्बे के रहने वाले थे। धमाके के बाद जहाज पर मौजूद अन्य नाविकों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों की वजह से उनकी जान नहीं बच सकी। इसके अलावा चार अन्य भारतीय क्रू मेंबर्स घायल हुए हैं। घायलों में एक नाविक का हाथ टूट गया, दूसरे के ठुड्डी पर तेज वस्तु लगने से गहरी चोट आई, जबकि दो अन्य सदस्य आग और गर्म धातु की चपेट में आने से हल्के रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जहाज पर मौजूद अन्य क्रू मेंबर्स सदमे में बताए जा रहे हैं। घटना के बाद भारतीय समुद्री संगठनों और अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। इस हमले ने उन भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो रोजाना खाड़ी क्षेत्र के संवेदनशील समुद्री रास्तों से गुजरते हैं।
दुबई में रखा गया शव, परिवार करेगा अंतिम फैसला
हमले में जान गंवाने वाले अल्ताफ तलाब केर का शव फिलहाल दुबई में रखा गया है। उनके परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है और उनकी पत्नी द्वारका पहुंच चुकी हैं। इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन ने भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर अंतिम संस्कार से जुड़ी औपचारिकताओं में मदद मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक अब अंतिम फैसला मृतक के परिवार को करना है कि अंतिम संस्कार दुबई में किया जाए या शव को भारत लाया जाए। घटना के बाद स्थानीय भारतीय समुदाय में भी शोक और गुस्से का माहौल है। कई नाविक संगठनों ने मांग की है कि सरकार खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए। लगातार बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के बीच व्यापारिक जहाजों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस रूट पर जहाजों की आवाजाही और ज्यादा जोखिम भरी हो सकती है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ा खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापारिक रास्तों में गिना जाता है और यहां अमेरिका तथा ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। बताया जा रहा है कि जिस रात हमला हुआ, उसी दौरान तीन अमेरिकी युद्धपोत भी इस समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे। इसी वजह से इलाके में भारी सैन्य गतिविधियां और जवाबी कार्रवाई चल रही थी। अमेरिका और ईरान के बीच अब तक किसी तरह का समझौता नहीं हो पाया है और दोनों देश इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपनी मौजूदगी मजबूत बनाए हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में कहा कि अमेरिका को ईरान की तरफ से शांति प्रस्ताव पर जल्द जवाब मिलने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या तेहरान जानबूझकर बातचीत में देरी कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। भारतीय जहाज पर हुआ यह हमला उसी बढ़ते खतरे का ताजा संकेत माना जा रहा है।
