हरियाणा के चर्चित हांसी जिम ट्रेनर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 10 जून को दिनदहाड़े जिम संचालक और ट्रेनर कपिल की गोली मारकर हत्या करने के मामले में फरार चल रहे दो इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संयुक्त अभियान चलाकर बहादुरगढ़ में दोनों आरोपियों को घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। जब पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस कार्रवाई के बाद जिम ट्रेनर हत्याकांड की जांच में बड़ा मोड़ आ गया है।
दोनों बदमाशों पर था एक-एक लाख रुपये का इनाम
पुलिस के अनुसार, मारे गए आरोपियों की पहचान हिसार निवासी प्रवेश और हिमांशु के रूप में हुई है। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वे पिछले कई दिनों से पुलिस की पकड़ से बाहर थे। खुफिया सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ ने संयुक्त योजना बनाकर बहादुरगढ़ इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस टीम ने दोनों को रोकने की कोशिश की, आरोपियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इसके बाद हुई मुठभेड़ में दोनों को गोली लगी। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा के सभी जरूरी नियमों का पालन किया गया और अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
5 सेकेंड में 10 गोलियां चलाकर की गई थी कपिल की हत्या
10 जून 2026 को हांसी में हुई इस वारदात ने पूरे हरियाणा को झकझोर दिया था। जिम के बाहर ट्रेनर कपिल अपने साथियों के साथ मौजूद थे और लोगों को वार्मअप करा रहे थे। तभी बाइक पर सवार बदमाश वहां पहुंचे और कुछ ही सेकेंड में ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद हुई थी, जिसमें हमलावरों ने करीब 5 सेकेंड के भीतर 10 राउंड फायरिंग की थी। हमले में कपिल की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर भी वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। बाद में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
अब पुलिस की जांच गैंग के बाकी नेटवर्क पर केंद्रित
दोनों मुख्य आरोपियों के मारे जाने के बाद भी पुलिस की जांच खत्म नहीं हुई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों बहादुरगढ़ में किस नई वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे और उनके साथ इस साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों के पास कौन-कौन से हथियार थे और उन्हें किसने उपलब्ध कराए। साथ ही गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में जल्द ही कुछ और अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल जिम ट्रेनर कपिल हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों के एनकाउंटर को पुलिस इस केस की बड़ी सफलता मान रही है, लेकिन पूरे गैंग का नेटवर्क खत्म करने के लिए अभियान अभी भी जारी रहेगा।
