Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दोनों को पुलिस हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया था। जांच एजेंसी ने अदालत से पुलिस हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मृतक केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी।
मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूत बने जांच का केंद्र
केतन अग्रवाल हत्याकांड में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों के बीच ऐसी बातचीत मिली है जिसमें इशारों और कोड भाषा का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस का कहना था कि इन संदेशों का सही अर्थ समझने और पूरे घटनाक्रम को जोड़ने के लिए आरोपियों से और पूछताछ की जरूरत है। हालांकि बचाव पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि पुलिस को पहले ही पर्याप्त समय मिल चुका है और अब अतिरिक्त पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अतिरिक्त पुलिस रिमांड देने से इनकार कर दिया।
हत्या की जांच में सामने आ रहे नए सुराग
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और कई नए सबूत जुटाए जा रहे हैं। जांच के दौरान एक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसकी फोरेंसिक जांच की जा रही है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास मौजूद कुछ अहम गवाहों की पहचान भी की गई है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, डिजिटल सबूत, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं दोनों आरोपियों के बीच हुए कथित आर्थिक लेन-देन की भी जांच जारी है। अधिकारियों ने फिलहाल इस संबंध में अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है और कहा है कि उचित समय पर तथ्य साझा किए जाएंगे।
जांच पूरी होने तक कई सवालों के जवाब बाकी
केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस का कहना है कि अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर उन्हें विश्वास है कि यह एक सुनियोजित हत्या का मामला है। हालांकि जांच अभी जारी है और कई पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है। अधिकारियों के मुताबिक, फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच अदालत के आदेश के बाद दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में रहेंगे। पूरे मामले पर अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली रिपोर्ट और अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में जांच में होने वाले नए खुलासे इस चर्चित हत्याकांड की तस्वीर और साफ कर सकते हैं।
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