दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक से शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुलाकात की। उनकी यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की सेहत को लेकर चिंता बढ़ रही है और उनकी मांगों को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। जंतर-मंतर पहुंचकर पवन खेड़ा ने उनकी स्थिति की जानकारी ली और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। कांग्रेस की इस पहल के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक समर्थन का दायरा और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
मांगों को लेकर विपक्षी दलों की बढ़ती सक्रियता
सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) और उनके समर्थक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों तथा विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के आंदोलन को मिल रहा समर्थन आने वाले दिनों में राष्ट्रीय बहस का विषय बन सकता है। कांग्रेस के समर्थन के बाद अब यह आंदोलन केवल सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चा का केंद्र भी बन गया है।
पहले भी कई बड़े नेता कर चुके हैं मुलाकात
कांग्रेस से पहले कई अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी जंतर-मंतर पहुंच चुके हैं। आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया था। कुछ नेताओं ने उनकी मांगों को उचित बताते हुए सरकार से बातचीत की अपील की है। राजनीतिक दलों के लगातार पहुंचने से आंदोलन को व्यापक पहचान मिली है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थकों का कहना है कि सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाकर महत्वपूर्ण सवाल सामने रख रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर नजर बनाए रखी जा रही है।
स्वास्थ्य को लेकर चिंता
भूख हड़ताल लंबे समय तक जारी रहने के कारणसोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि लगातार अनशन की वजह से उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर हुई है। इसी को देखते हुए उनके स्वास्थ्य को लेकर अदालत में भी याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नियमित नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल डॉक्टरों की टीम समय-समय पर उनकी जांच कर रही है। दूसरी ओर समर्थकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
Read More-UP: युवती ने खोले चौंकाने वाले राज! रेप, ब्लैकमेल और धर्म परिवर्तन के दबाव के आरोप से मचा हड़कंप
