Bharat Bhushan Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर केस को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला बताया है। उन्होंने कहा है कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात भी कही गई है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। इस ऐलान के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा पकड़ ली है।
परिवार से मुलाकात के बाद सीएम ने किया था न्याय का वादा
भरत तिवारी के परिवार के कुछ सदस्यों ने 24 जुलाई को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। इस दौरान परिवार ने अपनी मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखी थीं। मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए परिवार को न्याय दिलाने की बात कही थी। अब मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को आर्थिक मदद और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
हंगामे के बाद शुरू हुई न्यायिक जांच
भरत तिवारी की मौत के बाद एनकाउंटर को लेकर काफी विवाद हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी। इसके बाद पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में जांच प्रक्रिया शुरू हुई। जांच के दौरान घटना से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
STF जवान की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में कार्रवाई भी हुई है। पुलिस ने गोली चलाने वाले एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया है। यह मामले में पहली गिरफ्तारी बताई गई है। इसके अलावा जगदीशपुर के एसडीएम को भी पद से हटाया जा चुका है। अब जांच की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर है। सरकार के ताजा ऐलान से भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक और रोजगार संबंधी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
Read More-गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर अचानक कृपाण से हमला! निहंग ने क्यों किया वार, जानें पूरा मामला
