शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच दूसरे दौर की अहम बैठक हुई। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद रहे, जबकि CJP की तरफ से प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास ने हिस्सा लिया। बातचीत के बाद दोनों नेता जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बैठक की जानकारी दी। आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार ने उन्हें शनिवार को फिर से बातचीत के लिए बुलाया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है और इस मुद्दे पर संगठन किसी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं है।
‘एक-दो दिन में फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन होगा और बड़ा’
जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार को स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि अब आंदोलन को अधिक समय तक टालना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अगले एक-दो दिनों के भीतर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो CJP देशभर में एक और बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। रांका के मुताबिक, यह अभियान 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन से भी बड़ा होगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार उनकी बातों को गंभीरता से सुन रही है और अब फैसला सरकार के हाथ में है। संगठन का कहना है कि वह छात्रों की मांगों को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है।
‘इस्तीफे से कम कुछ नहीं’, छात्रों के सामने दोहराया रुख
बैठक के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मंच से प्रदर्शनकारी छात्रों से सवाल किया कि क्या वे धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिए बिना आंदोलन समाप्त करेंगे। इस पर छात्रों ने एक स्वर में ‘नहीं’ कहा। इसके बाद रांका ने कहा कि संगठन की मांग पहले दिन से साफ रही है और आज भी वही है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह संदेश दे दिया गया है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कम किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। रांका ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगली बैठक सकारात्मक नतीजे के साथ खत्म होगी और वे प्रदर्शनकारियों के बीच अच्छी खबर लेकर लौटेंगे। उन्होंने छात्रों से संयम बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की।
अगली बैठक पर टिकी निगाहें, सरकार के फैसले का इंतजार
सरकार और CJP के बीच होने वाली अगली बैठक को लेकर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्र और विभिन्न संगठनों के सदस्य यह देखना चाहते हैं कि बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं। दूसरी ओर, सरकार की ओर से अभी तक बैठक में हुई चर्चा या संभावित फैसलों को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में शनिवार को प्रस्तावित बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। यदि बातचीत से सहमति नहीं बनती है, तो CJP के दावे के अनुसार आंदोलन का दायरा और बड़ा हो सकता है। आने वाले कुछ दिन इस पूरे विवाद और आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
