CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर आंदोलन को लेकर बड़ा संकेत दिया है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती और हालात में सुधार नहीं होता, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संगठन फिलहाल सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहा है, लेकिन यदि लोगों की आवाज को अनसुना किया गया तो फिर से सड़क पर उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। दीपके का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में छात्र आंदोलन को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज रही है। उनके इस बयान के बाद आंदोलन की वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
‘बहुत जल्द फैसला होगा’, सरकार पर जिम्मेदारी निभाने का दबाव
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके से जब पूछा गया कि क्या संगठन फिर से आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए और किए गए वादों पर अमल करना चाहिए। उनके अनुसार, यदि स्थिति पहले जैसी बनी रहती है और समस्याओं का समाधान नहीं होता, तो आंदोलन को फिर से शुरू करना मजबूरी बन जाएगी। दीपके ने यह भी कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को दबाने के बजाय संवाद के जरिए समाधान निकालना जरूरी होता है। उनका कहना था कि संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि लोगों के मुद्दों का समाधान कराना है।
कंगना रनौत के बयान पर अभिजीत दीपके का पलटवार
मीडिया बातचीत के दौरान भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के हालिया बयान पर भी CJP संस्थापक अभिजीत दीपके से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने संक्षिप्त लेकिन तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उन्हें गंभीरता से लेता भी कौन है?” उनके इस जवाब को कंगना की टिप्पणी पर सीधा पलटवार माना जा रहा है। दीपके ने आगे इस विषय पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। राजनीतिक हलकों में भी इस प्रतिक्रिया को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कंगना के सोशल मीडिया पोस्ट पर पहले ही शुरू हो चुका है विवाद
दरअसल, छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को लेकर कंगना रनौत की सोशल मीडिया पोस्ट विवादों में आ गई थी। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े वीडियो साझा करते हुए कुछ प्रदर्शनकारियों और जेन-जी को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उनकी पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई और इसे छात्रों का अपमान बताया। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई। अब अभिजीत दीपके के जवाब ने इस विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलन से जुड़े संगठनों के बीच क्या बातचीत होती है और क्या आंदोलन दोबारा शुरू होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Read More-लोकसभा में हंगामे के बीच आखिर पास हो गया एंटी पेपर लीक बिल, अब राज्यसभा में क्या होगा अगला कदम?
