भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बीच नई दिल्ली से एक अहम खबर सामने आई है। राजधानी में स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर भारतीय अधिकारियों ने कुछ बैरिकेड्स और ट्रैफिक बोलार्ड हटाए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर लगाए गए अवरोधकों को पाकिस्तान की ओर से हटाया गया था। दोनों देशों की तरफ से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन राजनयिक हलकों में इसे खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर हटाए गए ढांचे
जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के वीजा सेक्शन के आसपास परिसर की तय सीमा से बाहर मौजूद कुछ ढांचों और अवरोधकों को संबंधित अधिकारियों ने हटा दिया। कार्रवाई के बाद इलाके में यातायात और आसपास की व्यवस्था को सामान्य किया गया। अधिकारियों की यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से इस्लामाबाद स्थित भारतीय मिशन के बाहर लगाए गए पार्किंग पोल और अन्य बैरियर हटाए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। ऐसे में दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से जोड़कर देखा जा रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौर में राजनयिक मिशनों के आसपास इस तरह के प्रशासनिक कदम पहले भी देखने को मिल चुके हैं।
पहलगाम हमले के बाद और बिगड़े भारत-पाक रिश्ते
भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पिछले कुछ समय से बेहद तनावपूर्ण हैं। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव भी देखने को मिला। हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों देशों के संबंध सामान्य नहीं हो सके। व्यापार, सीमा आवाजाही और वीजा व्यवस्था समेत कई क्षेत्रों में प्रतिबंध और सख्ती जारी है। दोनों देशों के राजनयिक मिशन भी सीमित स्तर पर काम कर रहे हैं।
अमेरिकी राजदूत के बयान के बीच घटनाक्रम पर नजर
इसी बीच भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान दिए गए बयान की भी चर्चा हो रही है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताया। ऐसे माहौल में दिल्ली और इस्लामाबाद स्थित दोनों देशों के राजनयिक परिसरों के बाहर हुई कार्रवाई को कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई औपचारिक समझ बनी है या यह सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई है। आने वाले दिनों में भारत और पाकिस्तान की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
Read More-Gen Alpha नें अचानक क्यों रोका विधायक का काफिला? फिर बस्ती MLA से कर दी ये बड़ी मांग
