नागपुर में चोरी का एक बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां दो चोरों ने मंदिर में चोरी करने से पहले भगवान के सामने अपने गुनाहों की माफी मांगी और फिर दानपेटी का ताला तोड़कर नकदी लेकर फरार हो गए। हालांकि, कानून और भगवान के घर से बचना उनके लिए मुमकिन नहीं हो सका। चोरी की इस अनोखी घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और यह मामला सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
भगवान के सामने जोड़े हाथ, कान पकड़कर मांगी माफी
यह पूरी घटना नागपुर के मालधक्का परिसर में स्थित शीतला माता मंदिर और शिव मंदिर की है। गत 27 जुलाई की रात को दो शातिर चोर मंदिर के अंदर दाखिल हुए। हैरानी की बात यह है कि चोरी की इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने से पहले दोनों आरोपियों ने मंदिर के अंदर भगवान की मूर्ति के सामने हाथ जोड़े और अपने पापों के लिए कान पकड़कर माफी मांगी। उन्हें लगा कि शायद ऐसा करने से वे भगवान के प्रकोप से बच जाएंगे, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने दानपेटी का ताला तोड़कर उसमें रखी नकदी चुरा ली और मौके से फरार हो गए। यह पूरी हरकत मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ-साफ कैद हो गई, जिसने बाद में पुलिस के लिए अहम सबूत का काम किया।
सड़क हादसे में टूटी टांग और पुलिस के जाल में फंसे आरोपी
चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी अलग-अलग दिशाओं में भागे। इनमें से एक आरोपी जयनीत चौरे अपनी पहचान छुपाने और पुलिस से बचने के लिए छत्तीसगढ़ में अपने किसी रिश्तेदार के यहां छिपने जा रहा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, रास्ते में वह एक गंभीर सड़क हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में उसकी एक टांग बुरी तरह टूट गई और उसे मजबूरन अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वहीं, दूसरे आरोपी वंश मेश्राम को नागपुर पुलिस ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए धर दबोचा।
नागपुर पुलिस का ‘सिंबा’ सॉफ्टवेयर साबित हुआ गेमचेंजर
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी शराब पीने के बहुत बड़े आदी हैं और उनके खिलाफ पहले से ही कई थानों में शराब पीकर हंगामा करने और अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। लकड़गंज पुलिस थाने के सीनियर इंस्पेक्टर मुकुंद कवाडे ने बताया कि आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और नागपुर पुलिस के अत्याधुनिक ‘सिंबा’ (SIMBA) सॉफ्टवेयर सिस्टम की मदद से पुलिस के लिए अपराधियों तक पहुंचना आसान हो गया। सिंबा प्रणाली की सटीक तकनीकी सहायता के चलते पुलिस ने तुरंत दूसरे आरोपी वंश मेश्राम को शहर के जरीपटका इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की आगे की कार्रवाई और छत्तीसगढ़ रवाना हुई टीम
फिलहाल नागपुर पुलिस इस पूरे मामले में बेहद मुस्तैदी से अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपी वंश मेश्राम से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि चुराई गई नकदी और अन्य वारदातों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सके। वहीं, सड़क हादसे में घायल होकर छत्तीसगढ़ के अस्पताल में भर्ती पड़े दूसरे आरोपी जयनीत चौरे को दबोचने के लिए लकड़गंज पुलिस थाने की एक विशेष टीम को छत्तीसगढ़ रवाना कर दिया गया है। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही उसे भी गिरफ्तार कर नागपुर लाया जाएगा।
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