Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की अंतिम यात्रा सोमवार को तेहरान में शुरू हुई। इस मौके पर हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। दुनिया के कई देशों ने भी अपने प्रतिनिधि ईरान भेजे। पाकिस्तान, तुर्किये, रूस, चीन, ताजिकिस्तान, आर्मेनिया, जॉर्जिया और इराक जैसे देशों के नेता या वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने अंतिम संस्कार में भाग लिया।
तीन मुस्लिम देशों की गैरमौजूदगी पर चर्चा
जहां कई देशों ने ईरान के प्रति सम्मान दिखाते हुए अपने प्रतिनिधि भेजे, वहीं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बहरीन और कुवैत ने इस कार्यक्रम में कोई आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं भेजा। इन तीनों देशों की गैरमौजूदगी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, इन देशों की सरकारों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि उन्होंने प्रतिनिधि क्यों नहीं भेजे। ऐसे में इसके पीछे की वजह को लेकर अलग-अलग तरह की बातें कही जा रही हैं, लेकिन किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भारत समेत कई देशों ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर भी शामिल हुए। तुर्किये के उपराष्ट्रपति, चीन और रूस के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी खामनेई को श्रद्धांजलि दी। भारत की ओर से भेजे गए प्रतिनिधिमंडल ने भी ईरान पहुंचकर अंतिम सम्मान अर्पित किया। इसके अलावा कई धार्मिक नेता, विद्वान और अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। इससे साफ है कि इस आयोजन में दुनिया के कई देशों ने भागीदारी की।
9 जुलाई तक चलेंगे कार्यक्रम
ईरान सरकार के अनुसार, खामनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 9 जुलाई तक चलेंगे। तेहरान, कोम और मशहद में अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुरक्षा को देखते हुए कई जगह विशेष इंतजाम किए गए हैं। कुछ इलाकों में सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगाई गई है और हवाई क्षेत्र में भी अतिरिक्त सुरक्षा लागू की गई है। सरकार ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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