इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने टेस्ट टीम की कप्तानी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को एक बार फिर टेस्ट टीम का नियमित कप्तान बनाया गया है। करीब चार साल बाद रूट दोबारा इस भूमिका में लौटे हैं। इससे पहले उन्होंने 2017 से 2022 तक इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी की थी। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में स्टोक्स की गैरमौजूदगी में भी रूट ने टीम की कमान संभाली थी, जिसके बाद अब उन्हें स्थायी कप्तान बना दिया गया।
कप्तानी में पहले भी बना चुके हैं बड़ा रिकॉर्ड
जो रूट इंग्लैंड के सबसे अनुभवी टेस्ट खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने अपने पहले कप्तानी कार्यकाल में 65 टेस्ट मैचों में टीम की अगुवाई की, जो इंग्लैंड के किसी भी कप्तान द्वारा सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड है। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने 27 टेस्ट मुकाबले जीते थे। बोर्ड को उम्मीद है कि रूट का अनुभव टीम को आगे भी मजबूती देगा। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मुश्किल समय में रूट जैसा अनुभवी खिलाड़ी टीम को सही दिशा दे सकता है।
बल्लेबाजी में भी शानदार रहा है करियर
जो रूट का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बेहद शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 166 टेस्ट, 192 वनडे और 32 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 14 हजार से ज्यादा रन दर्ज हैं, जिनमें 41 शतक और 67 अर्धशतक शामिल हैं। वनडे में भी उन्होंने 7,800 से अधिक रन बनाए हैं, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। लगातार अच्छे प्रदर्शन की वजह से रूट लंबे समय से इंग्लैंड टीम की सबसे बड़ी ताकत माने जाते हैं।
टीम में कोचिंग स्टाफ में भी हुआ बदलाव
इंग्लैंड क्रिकेट में सिर्फ कप्तानी ही नहीं, बल्कि कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव किया गया है। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग को टेस्ट टीम का नया मुख्य कोच बनाया गया है। फ्लेमिंग आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ लंबे समय तक सफल कोच रहे हैं। उनके आने के साथ ही इंग्लैंड की टीम नए दौर की शुरुआत करेगी। वहीं बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैक्कुलम की चर्चित कप्तान-कोच जोड़ी का सफर अब समाप्त हो गया है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि जो रूट और फ्लेमिंग की नई जोड़ी इंग्लैंड को कितनी सफलता दिला पाती है।
