prem chopra

बॉलीवुड दुनिया में प्रेम नाम है मेरा, डायलॉग से फेमस होने वाले विलन प्रेम चोपड़ा का आज जन्मदिन हैं. वो उन बड़े सुपरस्टार्स में शामिल हैं जहां पर नाम बनाना काफी मशक्कत का काम है. और तो और अमरीश पुरी, गुलशन ग्रोवर से लेकर रंजीत जैसे फेमस विलन के बीच अपना नाम बनाना बहुत बड़ी बात है. और इन विलनों का दबदबा बॉलीवुड की फिल्मों में काफी समय तक रहा. और उनके इस जन्मदिन पर आज हम आपको उनके जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातों से रूबरू करवाएंगे. जिन्हें शायद आपने कभी नहीं सुना होगा.

आपको बता दें कि प्रेम चोपड़ा फिल्मों में हाथ आजमाने से पहले अखबारों में काम करते थे. जी हां फिल्मों में काम करने से पहले प्रेम चोपड़ा ने अपने करियर की शुरूआत अखबारों से किया था. उसके बाद फिल्मों में आने के ले बहुत से प्रोडक्शन के चक्कर काटे हैं. इस बात से तो हर कोई वाकिफ है कि मुंबई जैसे शहर में अपने सपने को साकार करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. और करियर से जूझने के दौरान मुंबई जैसे बड़े शहर में रहना बहुत मुश्किल हो जाता है. और ऐसा कुछ प्रेम चोपड़ा के साथ हुआ. जब औरों की तरह वो भी फिल्मी दुनिया में अपना मुकाम बनाने का सपना लेकर मुंबई आए. और फिर इस शहर में रहने के लिए उन्होंने नौकरी की तलाश शुरू की.

नौकरी की तलाश के दौरान वो ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के दफ्तर पहुंचे. जहां उन्हें सर्कुलेशन डिपार्टमेंट में नौकरी दी गई. इस नौकरी के साथ उन्हें भारी जिम्मेदारी से लाद दिया गया. यानी कि उन्हें बंगाल, ओडिशा के साथ-साथ बिहार में अखबार में भी अखबारों का सर्कुलेशन देखना था. और इस काम के दौरान उन्हें 20 दिने के टूर पर रहने की सलाह दी गई थी. और ऐसे में प्रेम चोपड़ा को फिल्मी दुनिया में भी करियर बनाना था. जिसके लिए उन्हें ऑडिशन देने का समय ही नहीं मिल पाता था. और अपने फिल्मी सपने को पूरा करने के लिए प्रेम चोपड़ा ने एक नायाब तरीका निकालते हुए जिस भी एजेंट्स से मिलने के लिए जाते थे, उसे स्टेशन पर ही बुला लेते थे. और ऐसे में उनका 20 दिन का टूर सिर्फ 12 दिन में ही पूरा हो जाता था.

इसी बीच प्रेम चोपड़ा की मुलाकात एक ऐसे अनजान व्यक्ति से हुई जो उन्हों सीधा रंजीत स्टूडियो ले गया. जहां उनकी मुलाकात जगजीत सेठी से हुई. और उस समय जगजीत सेठी अपनी फिल्म चौधरी करनैल सिंह के लिए एक हीरो की तलाश में थे. और उन्हें इस फिल्म के लिए प्रेम चोपड़ा पसंद आए. और यहीं से प्रेम चोपड़ा को फिल्म में पहला ब्रेक मिला. जो सुपरहिट साबित हुई. इसके लिए प्रेम चोपड़ा को 2500 रूपये फीस मिली थी.

प्रेम चोपड़ा के फेमस डायलॉग

  1. मैं वो बला हूं, जो शीशे से पत्थर को तोड़ता हूं। फिल्म सौतन का ये डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर है.
  2. शराफत और ईमानदारी का सर्टिफिकेट ये दुनिया सिर्फ उन्हें देती है जिनके पास दौलत होती है.
  3. कौलाश खुद नहीं सोचता दूसरों को मजबूर करता है सोचने के लिए.
  4. बादशाहों का अंदाजा बहुत कम गलत होता है और जब गलत होता है तो बादशाह नहीं रहते.ये भी पढ़ेंकंगना रनौत ने बॉलीवुड पर लगाया बड़ा आरोप, सिर्फ अपने मतलब के लिए करता है ऐसा काम