Friday, December 3, 2021

जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के शिलान्यास की तैयारियों को YOGI  ने परखा, एक लाख लोगों को ऐसे मिलेगा रोजगार

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नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर पहुंचे और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शिलान्यास की तैयारियों का जायजा लिया। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का शिलान्यास करेंगे। योगी ने तैयारियों को परखने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जेवर हवाई अड्डा गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए बहुत अच्छा अवसर लेकर आ रहा है। उन्होंने कहा कि जेवर हवाई अड्डा 25 साल पुराना सपना है, जिसको भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पूरा करने जा रही है। इससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों का यह बहुत पुराना सपना था कि यहां हवाई अड्डा बने और विकास में चार चांद लगें। उन्हांेने कहा कि जमीनी स्तर पर किसी भी सरकार ने इस पर कार्य नहीं किया।

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Jewar-Airport

जेवर हवाई अड्डे का काम पिछड़ता गया। योगी ने कहा कि पहले चरण में करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। जेवर हवाई अड्डा बनने से नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा समेत पूरे जिले में करीब 34 से 35 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश आएगा। उन्होंने बताया कि इस निवेश से एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार का इस परियोजना में पूरा सहयोग मिल रहा है। 2024 तक जेवर हवाई अड्डा बनकर तैयार हो जाएगा। इस हवाई अड्डे को बनने के बाद यह उत्तर प्रदेश का पांचवा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यह देश का पहला शुद्ध शून्य उत्सर्जन (नेट जीरो एमिसन्स) एयरपोर्ट होगा। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण पूरा होने के बाद यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। इस हवाई अड्डे के पहले चरण में सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता होगी। जेवर का काम 36 महीनों में पूरा किया जाना है।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की विशेषतायें

नोएडा में बन रहा एयरपोर्ट, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा। इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दबाव कम होगा। रणनीतिक नजरिये से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का अलग महत्व होगा। इससे दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अलावा अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और पड़ोसी क्षेत्र के लोगों की जरूरतें पूरी होंगी। पीएमओ ने कहा कि पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का काम पूरा कर लिया गया है। इस परियोजना योजना में रेलवे स्टेशन, मेट्रो ट्रेन और बस अड्डा भी तैयार किया जा रहा है। तीनों ही जगह आने-जाने में यात्रियों को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो। भारी-भरकम सामान लेकर ट्रेन और बस के लिए दौड़ न लगानी पड़े। इसके लिए स्काई वॉक ट्रैवलर बनाने की योजना पर भी काम शुरू हो गया है।

जेवर एयरपोर्ट और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने के लिए डीएमआरसी भी मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर बनाएगा। इस स्पेशल मेट्रो कॉरिडोर की लम्बाई करीब 74 किलोमीटर होगी। इस काॅरिडोर पर 120 किलोमीटर की रफ्तार से मेट्रो ट्रेन दौड़ेगी। जेवर एयरपोर्ट से लेकर नॉलेज पार्क (ग्रेटर नोएडा) तक, नॉलेज पार्क से नोएडा और नोएडा से यमुना बैंक स्टेशन तक एलिवेटेड ट्रैक बनेगा। इसके बाद यमुना बैंक से नई दिल्ली (शिवाजी पार्क) तक अंडरग्राउंड कॉरिडोर तैयार होगा। एलिवेटेड रोड का निर्माण एनएचएआई करेगी। 750 मीटर लम्बे एलिवेटेड रोड की लागत करीब 50 करोड़ रुपये आने का अनुमान है। एलिवेटेड रोड को एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे पर इंटरचेंज बनाए जाएंगे। दो इंटरचेंज अप के लिए और दो डाउन के लिए बनाए जाएंगे। यह इंटरचेंज नोएडा की तरफ से आगरा की ओर चलने पर 32 किमी के पाइंट पर बनाए जाएंगे।

नोएडा अथॉरिटी के सीईओ ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के लिए यमुना एक्सप्रेसवे, 130 मीटर रोड, जीटी रोड और फिल्म सिटी से पॉड टैक्सी की सुविधा दी जाएगी। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में आठ परिचालन हवाई अड्डे हैं। जबकि 13 हवाई अड्डे और सात हवाई पट्टी विकसित की जा रही हैं। राज्य में वाणिज्यिक उड़ानों को संभालने वाले हवाई अड्डे लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर, गोरखपुर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज और हिंडन (गाजियाबाद) हैं।

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