त्योहार सीजन के लिए योगी सरकार ने जारी की नई गाइडलाइंस, जानें कंटेनमेंट जोन समेत किन चीजों में मिली छूट

259
Festive Season Guideline

अक्टूबर महीने की शुरूआत हो चुकी है और आधा महीना बीतने वाला है. इसी के साथ अब एक के बाद एक कई त्योहारों की शुरूआत होने वाली है. जिसे लेकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Yogi Government) की योगी सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी है. दरअसल कोरोना महामारी के मामले थम नहीं रहे हैं और इन्हीं केसेस को ध्यान में रखते हुए त्योहारी सीजन के लिए नए दिशानिर्देश (Festive Season Guideline) जारी किए गए हैं. जिसके मुताबिक प्रदेश में महामारी (Covid 19) के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) में किसी भी प्रकार के आयोजन की छूट नहीं होगी. इसके साथ ही कंटेनमेंट जोन में त्योहारों से संबंधित किसी भी कार्य को करने की भी इजाजत नहीं दी गई है.

ये भी पढ़ें:- रेप आरोपियों पर कहर बनकर टूट रही योगी सरकार, 5 दरिंदों को फांसी, 193 को हुई उम्र कैद की सजा

नई गाइलाइंस की माने तो कंटेनमेंट जोन से कोई भी आयोजक, कर्मचारी या विजिटर्स को कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी. यहां तक कि कंटेनमेंट जोन से बाहर हर गतिविधियों की तैयारी पहले ही योजना से जुड़े संगठन/व्यक्तियों/संघों के साथ मिलकर करना होगा.

इसके साथ ही नए दिशानिर्देश के मुताबिक कार्यक्रम के मुखिया की ओर से अपने स्टाफ के लिए सभी जरूरी सुरक्षा के संसाधन, जैसे मास्क, हैंड सैनिटाइजर, साबुन समेत बाकी की चीजों की व्यवस्था करनी जरूरी होगी. इतना ही नहीं बल्कि, थर्मल स्कैनिंग, सोशल डिस्टेंसिंग और फेस मास्क सुनिश्चित करने के लिए वॉलंटियर्स को भी तैनात करना पड़ेगा. इसी के साथ ही ऑर्गेनाइजर को कॉन्टेक्ट लैस (डिजिटल) पेमेंट की अरेंजमेंट करनी होगी. यहां तक कि उन्हें क्या करना है, और क्या नहीं करना है, से संबंधित नियमों को भी जगह-जगह पर लागू करने होंगे.

योगी सरकार की ओर से जारी की गई गाइडलाइन में आयोजकों से स्पष्ट तौर पर ये बात कही गई है कि, वो मूर्तियों की स्थापना पारंपरिक लेकिन खाली स्थान पर करें. उनका आकार छोटा रखा जाए और मैदान की क्षमता से ज्यादा लोग वहां पर इकट्ठा न हों. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन व मास्क पहनने के मानकों का पालन किया जाए. इतना ही नहीं दिशानिर्देश के मुताबिक चौराहों या सड़कों पर मूर्ति या ताजिया न रखने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही मूर्ति विसर्जन के लिए पहले से ही रूट मैप तैयार करने के बाद इस पर प्रशासन से इजाजत लेना जरूरी होगा. ऐसे में अगर रूट लंबा होगा तो एंबुलेंस की भी व्यवस्था करनी पड़ेगी. लेकिन इस दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर फेस मास्क लगाना आवश्यक होगा.

ये भी पढ़ें:- हाथरस केस: PFI का नाम आया सामने, तो गुस्से से तिलमिला गए ओवैसी, योगी सरकार से किए ऐसे तीखे सवाल