Friday, December 3, 2021

पाकिस्तान के 63 हिंदू परिवारों को बसायेगी योगी सरकार, मकान, जमीन के साथ मिलेगी ये सुविधायें

Must read

- Advertisement -

लखनऊ। पचास साल से मेरठ के हस्तिनापुर में रह रहे पूर्वी पाकिस्तान के 63 हिंदू बंगाली परिवारों के लिए अब नयी जिन्दगी शुरू होने वाली है। सभी 63 परिवारों को रसूलाबाद के भैसायां गांव के मजरा महेन्द्र नगर में बसाया जाएगा। योगी आदित्यनाथ की पहल के बाद रविवार को अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने मौके पर पहुंच कर जमीन देखी। उन्होंने रसूलाबाद के गेस्ट हाउस में बैठकर अफसरों से पूरी कार्ययोजना की जानकारी ली। शरणार्थियों के लिए रोजगार के भी इंतजाम होंगे। 11 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन में इन परिवारों का नए सिरे से पुनर्वास करने का प्रस्ताव पास किया था। इन परिवारों को खेती के लिए दो-दो एकड़ जमीन और घर बनाने को 200 वर्ग मीटर जमीन दिया जाएगा। सभी परिवारों को पुनर्वास के लिए मकान बनाने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना से पैसा दिया जाएगा।

- Advertisement -

प्रदेश में वर्ष 1970 में पूर्वी पाकिस्तान से 65 बंगाली परिवार आए थे। इस दौरान सभी को रोजगार देकर हस्तिनापुर के मदन सूत मिल में पुनर्वास कराया गया था। 1984 में यह मिल बंद हो गई। मिल बंद होने के बार सभी को रोजगार बंद हो गया। दो परिवारों के इसी दौरान मृत्यु हो गई। वर्तमान में 63 हिंदू बंगाली परिवार रह रहे हैं। सही पुनर्वास नहीं होने की स्थिति ये परिवार 37 साल से संघर्ष कर रहे हैं। ज्ञात हो कि महेन्द्र नगर में पहले से शरणार्थी रह रहे हैं। 1971 में ही बांग्लादेश से आए कई परिवारों को रसूलाबाद के महेन्द्र नगर में बसाया गया था। यहां पर 300 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। अब पूर्वी पाकिस्तान से आए इन परिवारों को भी इसी जमीन पर बसाने की तैयारी है।

रविवार को अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह रसूलाबाद पहुंच कर स्थितियों की जानकारी ली। अफसरों संग बैठक कर कार्ययोजना भी परखी और फिर वह सीधे महेन्द्र नगर भी देखने गये। उन्होंने पहले से बसे बंगाली परिवारों से बात की और नए परिवारों को बसाने के लिए चिह्नित जमीन देखी। उन्होंने प्राइमरी स्कूल में बैठकर परिवारों की समस्याएं सुनीं और डीएम को इन परिवारों की समस्या दूर करने के निर्देश दिए। मनोज कुमार सिंह ने लहरापुर मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए सीडीओ सौम्या पांडेय को निर्देशित किया।

किसी को समस्या न हो, टटोला मन

अपर मुख्य सचिव ने कहाकि उन परिवारों को यहां बसाने में किसी तरह का विवाद न हो इसके लिए वह स्वयं यहां के लोगों का मन समझने आए थे। उन्होंने कहा कि सभी खुश हैं। यहां रहने और बसेन वाले परिवारों को सभी सहूलियतें दी जाएंगी।

51 साल से जी रहे हैं निर्वासित जिंदगी

1970 में घर-बार छोड़कर आए सभी परिवार 51 वर्ष से निर्वासित जिंदगी जी रहे हैं। इन परिवारों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। प्रदेश में पुनर्वास विभाग के पास अधिक जमीन न होने के कारण इसकी तलाश की जा रही थी। खोजने पर रसूलाबाद में पुनर्वास के नाम जमीन मिल गई।

महेंद्रनगर चमकाने में ताकत झोंकी

अपर मुख्य सचिव के गांव आने की सूचना पर जिले के आलाधिकारियों ने दो दिन पूर्व से डेरा जमा लिया था। शनिवार व रविवार को अधिकारी गांव में छोटी से छोटी समस्या की जानकारी कर उसका निस्तारण किया जा रहा है। पाल नगर स्थित गौशाला में गोवंशों को हरा चारा, चोकर सहित अन्य सामान उपलब्ध कराया गया।

पुनर्वास की मुख्य बातें

  • 63 परिवार पुनर्वास के तहत बसाए जाएंगे, हर परिवार खेती को दो एकड़ जमीन मिलेगी।
  • 126 एकड़ जमीन चिह्नित इन परिवारों के लिए हर परिवार को आवास को 200 वर्ग मीटर जमीन।
  • घर बनाने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजनना से 1. 20 लाख की सहायता दी जाएगी।
  • मनरेगा से जोड़कर काम देने के साथ ही उनके हुनर के हिसाब से भी काम का इंतजाम होगा।

यह भी पढ़ेंः-सीएम योगी ने ‘नेताजी’ को दी जन्मदिन की बधाई, प्रभु श्री राम स्वस्थ रखें

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article