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रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के शाहबाद नगर में बंदरों ने एक लाख रुपये हवा में उड़ा दिये। पेड़े के नीचे खड़े लोगों ने भी नोटों की बारिश का खूब फायदा उठाया। शाहाबाद के तहसील परिसर शाहबाद में रोमांचक घटना घटी जब विनोद बाबू एडवोकेट के हाथ से एक लाख रुपये का नोटों से भरा बैग लेकर बंदर भाग गये। नोटों से भरा बैग लेकर बंदरों के भागते ही अफरा-तफरी मच गयी। इनमें से एक बंदर पांच-पांच सौ रुपये की दो नोटों की गड्डियां लेकर पेड़ पर चढ़ गया। नोटों की एक गड्डी तो बंदर ने नीचे फेंक दी और दूसरी गड्डी लेकर बंदर पेड़ पर चढ़ा रहा। इस दौरान लोगों की नजर बंदर पर बनी रही।

एडवोकेट विनोद के बेटे आशीष वशिष्ठ ने बताया कि पिता जी शाहबाद तहसील में बार के सीनियर एडवोकेट है। पिताजी मधुकर ब्रांच गए थे। सैविया कला ब्रांच में एक लाख रुपये जमा करना था। लौटते समय थोड़ी देर तहसील में रुके। उन्होंने बताया कि तहसील की गेट पर किसी ने बंदरों के खाने के लिए खाना डाला था। बंदरों का झुंड इकट्ठा हो गए थे। पिताजी के हाथ से पैसे का थैला बंदर ले गया। एडवोकेट की मदद से सारा पैसा इकट्ठा हो पाया। उन्होंने बताया कि उसमें से 17 नोट कम रह गए लेकिन मैं सभी एडवोकेट और लोगों का शुक्रिया करना चाहता हूं जिनकी मदद से पैसा इकट्ठा हो पाया। स्थिति तो ऐसी हो गयी थी कि हम लोग सिर्फ बंदर को ही देख रहे थे।

बंदर पेड़ पर से पैसे बरसाता रहा

तहसील परिसर में यह नजारा देखकर लोग पेड़ के नीचे एकत्र हो गए और बंदर से पैसे छुड़ाने की कोशिश करने लगे। बंदर पेड़ पर बैठ कर रुपये नीचे बरसाता रहा। सब रुपये जब नीचे गिर गए तो सभी नोटों को इकट्ठा किया गया। गिनती की गई तो 8500 रुपये कम पाए गये। बंदरों के कारण आए दिन गम्भीर चोट की घटनाएं तो आम हो गई है। पर अब इनकी बढ़ती हरकतों से लोगों की जान आफत में आ गई है।

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