Friday, December 3, 2021

वरूण गांधी ने PM MODI  को लिखा पत्र, गृह राज्यमंत्री पर कार्रवाई की मांग के साथ कही ये बात

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पीलीभीत /लखनऊ। विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासी हलचल तेज हो गयी है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरूण गांधी ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की घोषणा के एक दिन बाद शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। वरुण ने पत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून बनाने और लखीमपुर में किसानों पर हुई हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा है कि यह निर्णय यदि पहले ही ले लिया जाता तो 700 से अधिक किसानों की जान नहीं जाती। पीलीभीत सांसद वरूण गांधी ने किसान आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार की सुबह राष्ट्र को संबोधित करते हुए कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून, कृषि (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून और आवश्यक वस्तु संशोधन कानून, 2020 को निरस्त करने की घोषणा की है।

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ठोस निर्णय की उम्मीद

पीएम मोदी ने एमएसपी को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति गठित किए जाने का भी ऐलान किया। वरूण गांधी ने बड़ा दिल दिखाते हुए विवादास्पद कानूनों को निरस्त करने के लिए प्रधानमंत्री को साधुवाद दिया और उम्मीद जताई कि वह किसानों की अन्य मांगों पर भी ठोस निर्णय लेंगे।

एमएसपी पर कानून बनाने की मांग

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में वरूण ने एमएसपी को कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाने की किसानों के मांग का उल्लेख करते हुए कहा है कि देश में 85 प्रतिशत से ज्यादा छोटे, लघु और सीमांत किसान हैं। किसानों के सशक्तीकरण के लिए उन्हें फसलों का लाभकारी मूल्य दिलवाना सुनिश्चित करना होगा।

खत्म नहीं होगा आंदोलन

वरूण गांधी ने पत्र में कहा है कि यह आंदोलन एमएसपी की मांग के निस्तारण के बिना समाप्त नहीं होगा। किसानों में एक व्यापक रोष बना रहेगा जो किसी न किसी रूप में सामने आता रहेगा। अतः किसानों को फसलों की एमएसपी की वैधानिक गारंटी मिलना अत्यंत आवश्यक है। सरकार को राष्ट्रहित में इस मांग को भी तत्काल मान लेना चाहिए जिससे किसानों का हित जुड़ा है। किसानों को एक बहुत बड़ा आर्थिक सुरक्षा चक्र मिल जाएगा और उनकी स्थिति में व्यापक सुधार होगा।

फर्जी मुकदमें भी लिए जाएं वापस

वरूण गांधी ने पत्र में कहा है कि एमएसपी का निर्धारण कृषि लागत मूल्य आयोग के ‘सी2 प्लस 50 प्रतिशत फार्मूले’ के आधार पर होनी चाहिए। किसा आंदोलन में 700 से ज्यादा किसान भाइयों की शहादत भी हो चुकी है। आंदोलन में मारे गए किसानों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इनके परिजन को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने आंदोलनकारियों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को भी वापस लेने की मांग की।

लखीमपुर की घटना पर हो निष्पक्ष जांच

वरूण गांधी ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लोकतंत्र पर काला धब्बा करार दिया है। लखीमपुर में किसानों के रौंदे जाने की निष्पक्ष जांच एवं न्याय के लिए इसमें लिप्त एक केंद्रीय मंत्री पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरा विश्वास है कि किसानों की उपरोक्त अन्य मांगों को मांग लेने, लखीमपुर खीरी की घटना में न्याय का मार्ग प्रशस्त करने से आपका सम्मान देश में और बढ़ जाएगा। मुझे आशा है कि इस विषय में भी आप ठोस निर्णय लेंगे।

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