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उत्तर प्रदेश राजनीति

वरुण गांधी ने साधा BJP पर निशाना, कब तक सब्र करे भारत का नौजवान?

लखनऊ। पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर बागी तेवर दिखाये हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर ही निशाना साधा है। लगातार किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रहे वरुण ने इस बार नौकरी और पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। वरुण गांधी ने पूछा कि आखिर कब तक सब्र करे भारत का नौजवान? नौजवानों के सवालों के साथ उनका समाधान होना चाहिए।
वरुण गांधी ने ट्वीट किया, पहले तो सरकारी नौकरी ही नहीं है, फिर भी कुछ मौका आए तो पेपर लीक हो, परीक्षा दे दी तो सालों साल रिजल्ट नहीं, फिर किसी घोटाले में रद्द हो। रेलवे ग्रुप डी के सवा करोड़ नौजवान दो साल से परिणामों के इंतजार में हैं। सेना में भर्ती का भी वही हाल है। आखिर कब तक सब्र करे भारत का नौजवान? उन्होंने कहा कि नौजवानों के साथ छल हो रहा है। उनकी उम्मीदों पर पानी फिर रहा है।

varun gandhi

राजनीतिक रसूखदारों पर कब होगी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में हाल ही में UPTET परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इसे लकेर वरुण गांधी ने ट्वीट किया था। टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होना लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। पेपर लीक करने वाले गैंग युवाओं के भविष्य से खेल रहे हैं। इस दलदल की छोटी मछलियों पर कार्रवाई हो रही है जबकि बड़े लोग बच जाते हैं। उन्होंने कहा कि छोटी मछलियों पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। उनके राजीनीतिक संरक्षक, शिक्षा माफिया पर सरकार कठोर कार्रवाई करे। अधिकांश शिक्षण संस्थानों के मालिक राजनीतिक रसूखदार हैं, इनपर कार्रवाई कब होगी?

लखीमपुर कांड में केंद्रीय मंत्री पर एक्शन की मांग की थी

इससे पहले वरुण गांधी ने लखीमपुर हिंसा को लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखा था। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा पर एक्शन की मांग की थी। वरुण गांधी ने कहा था कि वह कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा है कि एमएसपी और अन्य मुद्दों पर कानून की मांग पर भी तत्काल निर्णय लिया जाए, ताकि किसान आंदोलन समाप्त करके घर लौट सकें। जब तक अजय मिश्रा पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक किसानों को न्याय नहीं मिल पायेगा।

वरुण गांधी ने कहा था कि वरिष्ठ पदों पर बैठे कई नेताओं ने आंदोलनकारी किसानों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया है। इस तरह के बयानों और आंदोलन के इर्दगिर्द बने प्रतिकूल माहौल का ही नतीजा है कि तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में पांच किसानों को वाहनों ने कुचल कर मार डाला। जीप से कुचलकर मार देना यह दिल दहला देने वाली घटना थी। इस घटना से जुड़े केंद्रीय मंत्री के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। लखीमपुर को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है।

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