बड़ी मेहरबानी होगी साहब, हमें बचा लीजिए, विकास दुबे तो मर गया है, लेकिन..

नहीं खत्म हुआ है उस विकास दुबे का आतंक जिसे यूपी पुलिस ने कभी अपनी गोलियों का शिकार बनाया था। नहीं खत्म हुआ है उस विकास का खौफ जिसका नाम सुनते ही इंसान क्या सूबे का पत्ता भी कांप उठता था। बहरहाल..अपराधी कितना भी चतुर और चालाक क्यों न हो लेकिन पुलिस की खाकीवर्दी के रौब के आगे उसके नाम का हर एक खौफ बौना हो ही जाता है जिसकी तस्दीक होते हुए हम बीते दिनों यूपी पुलिस एनकाउंटर के रूप में देख चुके हैं। लेकिन अब कुछ लोग सामने आकर खुलकर इस बात को बयां कर रहे हैं कि भले ही विकास दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका हो मगर उसके खौफ का सिलसिला अभी-भी जारी है। अभी भी उसके नाम के सहारे सूबे में खौफ का कारोबार जारी है।

ये भी पढ़े :गैंगस्टर विकास दुबे पर आधारित फिल्म का ट्रेलर हुआ जारी, नाम प्रकाश दुबे कानपुर वाला

इसकी बानगी तब दिखने को मिली जब विरोहा गांव के कुछ लोग सामने आकर यूपी पुलिस से इल्तिजा करते हुए कहने लगे कि बड़ी मेहरबानी होगी.. साहब.. अगर आप हमारी जमीन विकास दुबे के गुरु के हाथों से छुड़वा देंगे। बता दें कि पीड़ितों में सुभाष विश्वकर्मा, राजेंद्र दीक्षित, विपिन दीक्षित, मुन्नू दीक्षित व निर्मला मिश्रा ने बताया कि गांव विरोह निवासी एक शख्स और उसका पूर्व लेखपाल भाई खुद को विकास दुबे का गुरु बताते हैं। पीड़ितों ने खुलकर  अपने दिल का सुरत-ए-हाल बयां करते हुए कहा कि विकास दुबे भले ही मर गया हो, लेकिन उसके नाम का सहारा लेकर इलाके में खौफ का कारोबार अभी-भी जारी है, जिसके तहत कभी लोगों को डाराया जाता है तो कभी धमकाया जाता है।

पीड़ितों ने कहा कि विकास के दम पर इन दोनों भाइयों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। यह दोनों भाई खुद को विकास का गुरु बताते हैं। पीड़ितों का कहना है कि लेखपाल के माध्यम से कई जमीन अपने नाम करवा ली गई है। जिसमें निर्मला मिश्रा ने बिल्हौर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। मामले में चार्जशीट लगाई जा चुकी है। उधर, इस पूरे मामले को लेकर संतोष सिंह, सीओ बिल्हौर का कहना है कि पीड़ितों ने डीआईजी कार्यालय जाकर शिकायत की थी। उनके निर्देश पर सभी बयान दर्ज कराए गए और आगे कठोर कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है।

रेलवे भी करेगी जांच 
उधर, खूंखार अपराधी रहे विकास दुबे के खंजाची जय वाजपेयी पर आरोप है कि उसने रेलवे की जमीन पर कब्जा करके फौरन उसे बेच दिया है। फिलाहल अब इसकी जांच के लिए लखनऊ मंडल के रेलवे अधिरकारियों ने ब्रहांनगर पहुंचकर जांच शुरू की। बता दें कि एडवोकेट सौरभ भदौरिया ने शिकायत की थी कि जय ने रेलवे की जमीन पर कब्जा करने के बाद इसे बेच दिया। इसके बाद लखनऊ मंडल के अधिकारी पहुंचे और उन जमीन को चिन्हित किया, जिसे कब्जाने की बात कही जा रही है। इस मामले की पड़ताल करने के लिए रेलवे अधिकारी कुछ समय लेंगे। इसके बाद इसकी रिपोर्ट सौंपेंगे फिर बाद में आगे की कार्रवाई की तैयारी की जाएगी। ये भी पढ़े :नहीं खत्म हुआ विकास दुबे का खौफ, अब इंजीनियर को मिली जान से मारने की धमकी, कहा-मैं अभी जिंदा हूं

Related Articles

Stay Connected

1,092,278FansLike
5,000FollowersFollow
5,023SubscribersSubscribe

Latest Articles