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प्रदूषण पर UP सरकार की दलील, PAK की तरफ से हवा आती है और पटना चली जाती है…

नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर में हवायें सांस लेने लायक नहीं रह गयी हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स 600 तक पहुंच चुका है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार को लगातार फटकार लगाये जा रही है। दिल्ली में प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अजीबो-गरीब तर्क दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश वकील रंजीत कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पाकिस्तान की तरफ से हवा आती है और पटना की तरफ चली जाती है। उत्तर प्रदेश की हवा दिल्ली नहीं जाती है। इस अजीब तर्क के बाद सुनवाई के दौरान सभी लोग चैंक गये। मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने यूपी सरकार के वकील से कहा कि वह प्रदूषण को कम करने के बारे में जानकारी दें प्रकृति को अपना काम करने दें।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया कि यह मौसम गन्ने का है। अगर गन्ने की मिल को बंद कर दिया जाएगा तो आने वाले समय में किसानों और चीनी के उत्पादन पर इसका असर पड़ेगा। गन्ना मिलों को चलाना आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और एनसीआर को सारे उपायों का पालन करने के निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को लंबित रख दिया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार के कोविड अस्पतालों के निर्माण को मंजूरी दी है। दस दिसंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी। कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा कि मजदूरों को भुगतान देने को लेकर उन्होंने क्या किया है जब कंट्रक्शन पर बैन था? क्या उन्होंने पैसे दिए? यूपी सरकार एक वकील ने कहा कि वो इसके बारे में अगली सुनवाई में कोर्ट में बताएंगे।

ऐसा है एयर क्वालिटी इंडेक्स

एक्यूआई को शून्य और 50 के बीच ‘अच्छा‘ माना जाता है। 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक‘ है जिसमें सांस लिया जा सकता है। 101 और 200 के बीच ‘मध्यम‘ है जो शरीर के लिए, सांस के लिए ठीक नहीं है। 201 और 300 के बीच ‘खराब‘ जो हानिकारक है। 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब‘ हो सांसों के साथ सीधे हानि पहुंचाता है। अ401 और 500 के बीच ‘गंभीर‘ श्रेणी में माना जाता है जिसमें सांस लेना सेहत के खिलाफ है।

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