उन्नाव में दो दलित लड़कियों की संदिग्ध हालत में मौत, तीसरी की स्थिति गंभीर

unnaw asoha

उन्नाव। उन्नाव में दलित लड़कियों की मौत का मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को असोहा के खेत में तीन दलित नाबालिग लड़कियां संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थीं। तीन लड़कियों में दो की मौत हो गई है जबकि एक का इलाज कानपुर के रीजेंसी अस्पताल किया जा रहा है। असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव में तीन लड़कियां खेत में बेहोशी के हालात में मिली थीं। घटनास्थल पर काफी सारा झाग पड़ा था। डॉक्टर ने प्रथम दृष्ट्या प्वाइजन सिम्पटम्स बताए गए हैं। तीन में दो लड़कियों की मौत हो चुकी है जबकि एक की हालत नाजुक है। कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती लड़की का सीटी स्कैन कराया गया है। लड़की को भी होश नहीं आया है। तीनों किशोरियां कोमल (16), काजल (13) और रोशनी (17) दोपहर में मवेशियों के लिए चारा लेने खेत में गई थीं। देर शाम तक जब तीनों घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोगों ने उनकी खोजबीन शुरू कर दी। सूरजपाल के खेत में पहुंचे तो तीनों अचेत पड़ी थीं। एक ही दुपट्टे से तीनों के हाथ बंधे थे। कोमल और काजल की मौत हो चुकी थी। रोशनी की सांसें चल रही थीं। लड़की की मां का कहना है कि लड़कियों के हाथ-पांव नहीं बंधे हुए थे और कपड़े भी ठीक थे। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। उनको खेत से उना हॉस्पिटल लाया गया। जहां दो की मौत हो गई।

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दो दलित नाबालिग लड़कियों की मौत के बाद लखनऊ में हड़कंप मच गया। मौके पर आईजी और डीआईजी समेत कई पुलिस अफसर पहुंच गये। उन्नाव के एसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज कर गहराई से जांच की जा रही है। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। संदिग्ध हालातों में दो किशोरियों की मौत के बाद सकते में आई पुलिस प्रशासन ने देर रात तक असोहा के बाबूरहा गांव में डटी रही। बगल के गांव से 4 लड़कों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस इस मामले में किसी भी तरह का जोखिम मोल नहीं लेना चाहती है। जांच के लिए पुलिस की छह टीमों का गठन किया गया है। ज्ञात हो कि इस घटना के बाद देर रात लखनऊ आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह उन्नाव के असोहा थाने पहुंच गई थी। मौके पर मौजूद लोगों के बयान लिए गए हैं। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को नजर बंद कर दिया है और किसी को भी बात करने की अनुमति नहीं है। यहां तक की मीडिया के लोगों को भी आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।

भीम आर्मी से लेकर कांग्रेस तक सभी ने लड़की को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली एयरलिफ्ट करने की मांग की है। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने ट्वीट करके कहा कि उन्नाव केस की एकमात्र गवाह बच्ची का बेहतर इलाज व उसकी सुरक्षा सबसे जरूरी है। बच्ची को तत्काल एयर एंबुलेंस से दिल्ली लाया जाए। जिग्नेश मेवाणी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के सभी लोगों से मेरी अपील है की जब तक उन्नाव की दुर्घटना की पीड़ित बहनों के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनकी लाश को स्वीकार न करें। न्याय के लिए दबाव बनाएं। एक बहन की अच्छे से अच्छे अस्पताल में चिकित्सा की जाए।

समाजवादी पार्टी ने कहा कि बेटियों के लिए काल बन चुके भाजपा शासित यूपी में सत्ता संरक्षित नृशंस अत्याचार की एक और विचलित कर देने वाली घटना का केंद्र उन्नाव बन चुका है। जंगल में पेड़ से बांध कर दो दलित लड़कियों की हत्या हो चुकी है। एक की हालत गंभीर जिसका इलाज किया जा रहा हैं। अत्यन्त दुखद! दरिंदों को कठोरतम सजा दिलायी जाये। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि उन्नाव में दो दलित बच्चियां मृत पाई गरी है। तीसरी गंभीर घायल हैं, तुरंत एयरलिफ्ट करके एम्स, दिल्ली में इलाज किया जाय।

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