Wednesday, December 8, 2021

मंगलवार का रोमांच: पहले सपा से इस्तीफा फिर निष्कासन, अब भाजपा में शामिल हुए सैदपुर विधायक 

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लखनऊ। गाजीपुर। विधानसभा चुनाव से पहले दलबदल, तोड़-फोड़ और गठबंधन का खेल तेजी पर है। गाजीपुर के सैदपुर विधानसभा सीट से से दो बार के सपा विधायक सुभाष पासी को समाजवादी पार्टी अपने दल ने निकाल दिया है। बताया जा रहा है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर निष्कासन की कार्रवाई की गई है। समाजवादी पार्टी की ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गई। सपा विधायक सुभाष पासी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पत्र लिखकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इसी बीच विधायक सुभाष पासी ने मंगलवार भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही समाजवादी पार्टी ने सुभाष पासी की पत्नी को सपा महिला सभा का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया था। इससे पहले सुभाष पासी ने गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की थी। सुभाष पासी दो बार सैदपुर सीट से विधायक हैं।

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ज्ञात हो कि गाजीपुर की सैदपुर विधानसभा सीट एक ऐसी सीट है जहां से 1996 के बाद से बीजेपी का कमल कभी नहीं खिला है। दो-दो बार सपा-बसपा के प्रत्याशी की जीत हुई है। 1996 में बीजेपी के टिकट पर महेंद्र नाथ बीजेपी के टिकट पर जीते थे। इसके बाद 2002 और 2007 में बसपा के कैलाश नाथ सिंह और दीनानाथ पांडेय की जीत हुई थी। 2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों में सपा के टिकट पर सुभाष पासी ने जीत दर्जकर विधानसभा पहुंचे। अब उनके भाजपा में शामिल होने पर बीजेपी को उम्मीद है कि वे इस बार सैदपुर सीट अपनी झोली में डालने में कामयाब रहेगी।

ऐसे हुई जवाबी कार्रवाई

पहले समाजवादी पार्टी ने बीजेपी विधायक राकेश राठौर को पार्टी में शामिल करवाया तो अब बीजेपी ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो बार के सपा विधायक सुभाष पासी को अपने पाले में कर लिया। भाजपा प्रभारी राधा मोहन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी के मौजूदा विधायक सुभाष पासी बीजेपी में शामिल हुए।

जातिगत समीकरण हमेशा रहा हावी

अगर सैदपुर विधानसभा के चुनावी नतीजे पर जातिगत समीकरण हमेशा से प्रभावी है। यहां दलित और यादव वोटर चुनाव की हार-जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां कुल वोटरों की संख्या 3 लाख 55 हजार 181 है. दलित वोटरों की संख्या 75 हजार और यादव वोटरों की संख्या 70 हजार है. मुस्लिम 26 हजार, कुशवाहा 22 हजार, बिंद 11 हजार, चैहान 12 हजार, राजभर 33 हजार और ब्राह्मण मतदाता 17 हजार हैं।

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