sarnath varanasi

वाराणसी /लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटक स्थलों का तेजी से विकास हो रहा है। बौद्ध धर्म का महत्वपूर्ण स्थल सारनाथ में एक नयी कार्ययोजना पर काम होने वाला है। प्रो-पूअर योजना के कार्यों के लिए शासन स्तर से कार्यदायी संस्था, वीडीए व पर्यटन विभाग के बीच एमओयू हो गया है। इस कार्य के लिए निर्माण एजेंसी नोएडा के केके बिल्डर्स का चयन हुआ है। अब निर्माण एजेंसी व वाराणसी विकास प्राधिकरण के बीच भी एग्रीमेंट होगा। अगस्त में एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के साथ काम शुरू हो जाएगा। भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली में विकास होगा। माना जा रहा है कि पूरे सारनाथ की तस्वीर बदल जायेगी। हेरिटेज व दूधिया लाइट से पूरा सारनाथ दमकेगा। ज्ञात हो कि इसका बजट पहले 100 करोड़ निर्धारित था जिसे अब इसे अब 74 करोड़ रुपये किया गया है।

वीडीए वीसी ईशा दुहन ने बताया कि पर्यटन विभाग और वाराणसी विकास प्राधिकरण के बीच अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर हो चुका है। कार्यदायी संस्था और वीडीए के बीच अनुबंध होना है। चयनित फर्म कंसलटेंट के साथ डीपीआर भी बनाएगी। ईको टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित होने वाले उंदी ताल को रिंग रोड होते हुए सारनाथ से भी कनेक्टिविटी देने की तैयारी है। जिससे आवागमन में तेजी आयेगी। अधिकारियों का प्रयास है कि अगर सारनाथ में पर्यटक आएं तो उंदी ईको-स्पॉट को भी देखने जायें। रिंग रोड से उंदी ताल की सड़क को बेहतर करने की तैयारी है।

प्रो पूअर योजना में ये होंगे काम
सारनाथ के 30 मंदिरों को आकर्षक बनाने के साथ ही बिजली, पोल, साइन बोर्ड को चमकाया जाएगा। पूरा सारनाथ हेरिटेज व दूधिया लाइट से दमकेगा।

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