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हाथ उठाकर कोतवाली पहुंचे बदमाशों ने किया आत्मसमर्पण, अपराध नहीं करने की ऐसे खाई कसम

शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्थित कैराना में लगातार बदमाश पुलिस के सामने सरेंडर कर रहे हंै। पुलिस के सामने बदमाश अब आगे कभी अपराध न करने की भी कसम खा रहे हैं। मंगलवार को कैराना कोतवाली में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां दो शातिर बदमाशों ने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों बदमाश ने हाथ ऊपर उठाकर कोतवाली में पहुंचे और जिंदगी में आगे कभी अपराध ना करने की कसम खाई। पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया। बताया जा रहा है कि दोनों बदमाश हत्या के प्रयास मामले में वॉन्टेड चल रहे थे लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली से खौफ खाकर इन्होंने सरेंडर करने का फैसला किया। यह मामला कैराना कोतवाली क्षेत्र में पड़ने वाले रामडा गांव का है। रामडा गांव में बच्चों के विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें अलाउद्दीन नाम के एक व्यक्ति ने पड़ोस के रहने वाले आधा दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ हुए हत्या का प्रयास का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।

हत्या के प्रयास में दोनों बदमाश भी शामिल थे। इन दोनों बदमाशों का नाम नाहिद व भूरा बताया जा रहा है। हालांकि अभी इस वारदात में करीब 5 से 6 लोग फरार है जिनकी तलाश में पुलिस लगातार लगी हुई है।  कैराना के सीओ जितेंद्र सिंह का कहना है कि हत्या के प्रयास के मामले में वॉन्टेड चल रहे दो आरोपियों ने खुद कोतवाली में पहुंचकर आत्मसमर्पण किया है। दोनों आरोपी कैराना कोतवाली क्षेत्र के रामडा के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि पुलिस की कार्रवाई से बदमाशों को समर्पण होना अच्छा संकेत है।

जमानत रद करा कर फुरकान भी पहुंचा जेल

शामली में ही अगस्त 2014 में व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद सिंघल की हत्या के बाद सुर्खियों में आए कुख्यात बदमाश फुरकान ने गैंगस्टर के एक मुकदमे में जमानत छुड़वाकर कोर्ट में पेश हो गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा था कि या तो बदमाश मारे जाएंगे या फिर वह अपनी स्वेच्छा से जेल का रास्ता देखें। कैराना में बदमाश फुरकान ने अपनी जमानत छुड़वाकर सरेंडर कर दिया।

Furkan

बताया जा रहा है कि 16 अगस्त 2014 को दिनदहाड़े बाजार बेगमपुरा में दुकान पर बैठे व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद सिंघल की हत्या कर दी गई थी। इसके 8 दिन बाद मुकीम गिरोह ने आयरन स्टोर के मालिक ममेरे भाइयों राजू और शंकर की रंगदारी ना देने पर हत्या कर दी थी। वहीं विनोद सिंघल की हत्या में वांछित फुरकान निवासी कैराना को पुलिस ने 2017 में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। वर्तमान में फुरकान जमानत पर जेल से बाहर आया हुआ था।

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