लखनऊ(lucknow)। लखनऊ से खुदकुशी(suicide) का एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां शनिवार को सप्रु मार्ग स्थित गोमती होटल(gomti hotel) के मैनेजर 52 वर्षीय अशोक पाठक(ashok pathak) ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले अशोक ने एक सुसाइड नोट(suicide note) भी लिखा जिसे पुलिस ने मौके से बरामद कर लिया है। जिसमें साफ तौर पर आत्महत्या के कारणों का जिक्र किया गया है।

वहीं आत्महत्या करने के पीछे एक बेहद ही हैरान करने वाली बात सामने आई है. होटल के कर्मचारियों और अधिकारियों को अशोक से मजाक करना इतना भारी पड़ गया जिसका अंदाजा किसी ने भी नहीं लगाया होगा. दरअसल, होटल के

पुलिस कॉन्स्टेबल ने गोली मारकर की आत्महत्या - ap chittoor police constable  commit suicide shot dead - AajTakकर्मचारियों और अधिकारियों ने अशोक से कहा कि कर्मचारी सुरेश ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में अशोक को जिम्मेदार ठहराया है। अशोक ने इसकी पुष्टि नहीं की और अपने साथियों की बात पर यकीन कर लिया। इसके बाद बदनामी के डर से उसने घर जाकर लाइसेंसी असलहे से खुद को गोली मार ली। जिससे उसकी मौत हो गई.

बदनामी के डर से मारी गोली

बता दें सेक्टर-11 इंदिरानगर निवासी अशोक पाठक ने पुलिस आयुक्त को संबोधित सुसाइड नोट लिखा है। चार पन्ने के नोट में उन्होंने लिखा कि महोदय, मेरे परिवार को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। मेरे को साजिश में फंसाया जा रहा है, जिससे मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। मेरे को लोगों ने टार्चर किया है, मैं भय की वजह से, निर्दोष होने की वजह से… मेरे दरवाजे पर पुलिस आएगी। मैं उससे पहले अपने आपको खत्म कर दूंगा। आगे लिखा है, मैंने अपने सम्मान के सामने किसी से समझौता नहीं किया।

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‘फोटो खींच लेना’

बच्चों और पत्नी को संबोधित कर अशोक पाठक ने लिखा है कि मेरे बच्चों निगम मुख्यालय में कोई भी क्लेम लेने मत जाना। अगर घर पर लेकर पैसा आएं तो ठीक है। वरना मेरी आत्मा को ठेस पहुंचेगी। सुसाइड नोट की फोटो खींच लेना और पुलिस को दे देना। पुलिस आपको परेशान नहीं करेगी…।

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