Wednesday, December 8, 2021

फिरोजाबाद, आगरा और वृंदावन की हवा हुई जहरीली, देश का सर्वाधिक प्रदूषित शहर बना सुहाग नगरी

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आगरा । सुहाग नगरी फिरोजाबाद देश का नंबर एक प्रदूषित शहर बन गया है। आगरा दूसरे और वृंदावन तीसरे स्थान पर है। उत्तर प्रदेश के ये तीनों शहरों की हवा जहरीली हो गयी है। चूड़ियों के शहर फिरोजाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स 489 दर्ज किया गया जो पूरे देश में सर्वाधिक है। यह मानव शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। ताज नगरी आगरा की हवायें जहरीली हो चुकी हैं। आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 472 दर्ज किया गया। भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा के वृंदावन में एयर क्वालिटी इंडेक्स 454 दर्ज हुआ है। फिरोजाबाद, ताजमहल के शहर आगरा और वृंदावन में भयंकर वायु प्रदूषण के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. तीनों शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। इन शहरों में सांस लेना कठिन हो गया है।

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Agra

आगरा में लगातार तीन दिन से 400 के आसपास एयर क्वालिटी इंडेक्स है। जिसकी वजह से अस्थमा के मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक आगरा में हालात गम्भीर हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स ज्यादा बढ़ जाने से हवाओं में जहरीले तत्वों की मात्रा बढ़ गयी है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में बड़ी संख्या में धूल और धुएं के शिकार होकर मरीज लगातार ओपीडी में पहुंच रहे हैं। सांस और दमा मरीजों की हालत बेहद खराब थी। दो अस्थमा मरीजों सहित कुल 7 मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा है। नेत्र रोग विभाग की वरिष्ठ डॉक्टर शेफाली मजूमदार ने बताया कि आंखों में धूल के कण जाने से लोगों को आंखों में जलन, पानी आने और खुजली की परेशानी हो रही है। बच्चों को सबसे ज्यादा इससे दिक्कत हो रही है। लोग अब परेशान होने लगे हैं।

टीबी वार्ड में 20 मरीज फुल आक्सीजन पर

मेडिकल कॉलेज के टीबी वार्ड में 20 मरीज फुल आक्सीजन पर है. प्रदूषण की वजह से मरीजों के गले में खराश, दर्द होना, सूजन जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। लोगों को अब हवाओं में आक्सीजन मिलना कठिन हो गया है। तमाम बच्चों के टांसिल में सूजन आ गई है. इसके अलावा एलर्जी का भी दुष्परिणाम सामने आ रहा है. धूल, कार्बन तत्व त्वचा की ऊपरी सतह पर चिपक जाने से त्वचा में खुजली हो रही है। आगरा के डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि वायु प्रदूषण की रोक थाम के निर्देश दिए गए है। लगातार विभागों को निर्माण स्थलों पर पानी के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किया जा रहा है ताकि प्रदूषण का स्तर कम हो।

भयंकर प्रदूषण की चपेट में आगरा

बीते 24 घंटों में आगरा शहर में प्रदूषण का सबसे खतरनाक संजय प्लेस और ताजमहल के आसपास रहा है। कई वर्षों के बाद आगरा की हवा इतनी ज्यादा खराब हुई है। ताजमहल के साथ-साथ आगरा के सभी स्मारकों के ऊपर प्रदूषण की वजह से धुंध की घनी चादर छाई हुई है। दृश्यता कम हो गयी है। ताजमहल 100 मीटर दूर से भी स्पष्ट नहीं नजर आ रहा है। हवा की रफ्तार कम होने की वजह से लगातार तीन दिनों से भयंकर प्रदूषण की चपेट में ताज नगरी है। उधर भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा और वृंदावन में भी लगातार एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर है, जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद की जा रही है कि कुछ दिनों में सुधार होगा।

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