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लखनऊ/ मेरठ। कांवड़ यात्रा पर इस बार पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए कोविड हेल्प डेस्क भी कांवड़ यात्रा के दौरान सहायता करेगी। आतंकी आशकाओं को देखते हुए शिविरों का सत्यापन भी कराया जा रहा है। एडीजी व आईजी कावड़ मार्ग का निरीक्षण कर रहे हैं। कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से लाइटिंग, खाना और अन्य सुविधाएं जल्द शुरू होने वाले हैं। आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर कोविड हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। सुरक्षा के साथ गंग नहर पटरी पर भी गोताखोरों की ड्यूटी लगायी जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी होगी।

उन्होंने बताया कि शामली के सलीम टुइया और कफील का कनेक्शन आईएसआई से होने के चलते कांवड़ यात्रा पर आतंकी खतरा बढ़ गया है। आतंकी आशंकाओें को देखते हुए हेलीकॉप्टर से भी निगरानी होगी। उन्होंने बताया कि पहले की तरह पुलिस वाले सादी वर्दी में कांवड़ मार्ग पर तैनात होंगे। गांव-गांव में पुलिस अपील कर रही कि यात्रा में पुराने कांवड़ियां ही ज्यादा पहुंचे। बाकी की संख्या न बढ़ाई जाए। कोशिश हो रही है, संख्या नियंत्रित रहे। थाना पुलिस की टीमें अपने क्षेत्र के कांवड़ियों से लगातार संपर्क कर रही है।

एडीजी ने ली कप्तानों के साथ मीटिंग
एडीजी मेरठ जोन राजीव सभरवाल ने शनिवार को जोन के कप्तानों के साथ ऑनलाइन मीटिंग, मंत्रणा की है। उन्हांने ब्लाॅक प्रमुख चुनाव के बारे में जानकारी लेने के बाद सभी को निर्देश दिए कि कावड़ यात्रा कराने के लिए वह पूरी तरह से तैयारी कर लें। उन्होंने कहा है कि अबकी बार कोरोना तीसरी लहर को देखते कावड़ यात्रा कराना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कराते कावड़ यात्रा सकुशल करानी है।

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