मऊ। उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के बैरक में अदालत ने टेलीविजन लगाने का आदेश दिया है। बीते बुधवार को चार प्रार्थना पत्रों पर मऊ के विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) राम अवतार प्रसाद के न्यायालय में सुनवाई हुई। इस दौरान विशेष न्यायाधीश ने प्रार्थना पत्र पर मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दरोगा सिंह और विशेष लोक अभियोजक की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने बांदा जेल अधीक्षक को मुख्तार अंसारी के बैरक में टेलीविजन लगवाने का निर्देश दिया। मुख्तार अंसारी के वकील दरोगा सिंह ने चार प्रार्थना पत्रों के माध्यम से जेल में टीवी और अन्य सुविधा मुहैया करवाने की गुहार लगाई थी।

अधिवक्ता दरोगा सिंह की दलील थी कि मुख्तार अंसारी न्यायिक अभिरक्षा में बांदा जेल में बंद हैं, जेल में बंद कैदियों की श्रेणी का निर्धारण करते हुए उन्हें टी.वी. समेत अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाय। वकील ने दलील दी कि जेल मैनुअल के अनुसार जेल में निरुद्ध बंदियों की श्रेणी का निर्धारण करते समय विचार किए जाने के लिए जिन आधारों को मानदंड बनाया जाता है, उसके अनुसार मुख्तार अंसारी पूर्ण रूप से उच्च श्रेणी के बंदी की सुविधा प्राप्त करने के हकदार हैं, उन्‍होंने दलील दी कि मुख्तार अंसारी विचाराधीन कैदी हैं, साथ ही सीनियर सिटीजन और ग्रेजुएट होने के साथ ही आयकर दाता भी हैं, इतना ही नहीं वह पिछले 25 वर्षों से विधायक हैं और लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने आदेश दिया कि मुख़्तार को भोजन और तख्त के साथ ही उच्च श्रेणी की सुविधा उपलब्ध कराई जाय और मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाय। जेल के बैरक में टेलीविजन उपलब्ध कराने के मामले में जेल अधीक्षक बांदा को आदेश दिया कि जेल मैनुअल व समुचित शासनादेश में विहित प्रावधानों मे यदि टीवी अनुमन्य हो तो मुख्तार अंसारी के बैरक में टीवी लगवाना सुनिश्चित करें। गौरतलब है कि बाराबंकी में फर्जी एम्बुलेंस के मामले में गैंगस्टर मुख्तार अंसारी सुर्खियों में थे।

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