Ganga Express way

लखनऊ। राज्य सरकार के सामने गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Express way)परियोजना की सचिव समिति की बैठक में एक्सप्रेस-वे योजना का प्रस्तुतिकरण किया गया। एक्सप्रेस वे को छह लेन बनाने के साथ ही इसकी डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटे प्रस्तावित है। गंगा एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों के 519 गांवों से होकर गुजरेगा। इस एक्सप्रेस वे पर 9 जनसुविधा परिसर भी बनाए जाएंगे। प्रदेश की विरासतों से यह एक्सप्रेस गुजरेगा। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्य सचिव ने गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना को समय से पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन के लिए विभिन्न कार्यों की समय-सारिणी निर्धारित है। उन्होंने कार्यवाही तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना का प्रस्तुतीकरण अपर मुख्य सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीडा अवनीश कुमार अवस्थी ने किया। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे की वर्तमान में प्रस्तावित लम्बाई 594 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेस वे मेरठ के बिजौली गांव से प्रारंभ होकर जनपद प्रयागराज के जुडापुर दांदू ग्राम तक जाएगा।

इन जिलों से हो कर गुजरेगा गंगा एक्सप्रेस वे
इस एक्सप्रेस-वे से 12 जिलों में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ एवं प्रयागराज अच्छादित होंगे। एक्सप्रेस वे परियोजना से 519 गावों को लाभ मिलेगा। परियोजना की कुल लागत 36,230 करोड़ रुपये है। एक्सप्रेस-वे की सबसे अधिक लंबाई उन्नाव जिले में 105 किलोमीटर होगी।

एक्सप्रेस-वे पर शाहजहांपुर में हवाईपट्टी प्रस्तावित
प्रस्तुतीकरण में यह भी बताया गया कि गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण 6 लेन (08 लेन में विस्तारणीय) प्रस्तावित किया गया है। आरओडब्ल्यू की चैड़ाई 120 मी0 तथा डिजायन स्पीड 120 किमीध्घंटा प्रस्तावित है। गंगा पर करीब 960 मीटर तथा रामगंगा नदी पर करीब 720 मीटर लम्बाई के बड़े पूल बनेंगे। शाहजहांपुर के समीप हवाई पट्टी भी प्रस्तावित की गई है। परियोजनान्तर्गत पीपीपी (टाल) मोड पर डिजाइन, बिल्ड, फाइनेन्स, आपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) पद्धति पर आमंत्रित ईओआई में 11 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित निवेशकों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। परियोजना के लिए 12 पैकेज को 4 ग्रुप और 1 ग्रुप में 3 पैकेज विभाजित करते हुए पीपीपी मोड पर आरएफक्यू आरएफपी आमंत्रित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है।

यह भी पढ़ेंः-गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए इन जिलों के 522 गांवों की खरीदी जाएगी जमीन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here