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बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां स्थित राम जानकी मंदिर के एक पुजारी ने प्रशासन पर भगवान श्रीराम का आधार कार्ड मांगने का आरोप लगाया है। जो इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुजारी का कहना है कि अतर्रा एसडीएम सौरभ शुक्ला ने राम जानकी मंदिर परिसर में लगी गेहूं की फसल को सरकारी क्रय केंद्र में बेचने के लिए भगवान श्रीराम का आधार कार्ड मांगा था। पुजारी ने बताया की आधार कार्ड न दिखा पाने पर ई-पोर्टल से गेहूं खरीद का सत्यापन रद्द कर दिया गया है।

40 बीघा जमीन की रजिस्ट्री

गौरतलब है कि बांदा जिले के अतर्रा तहसील के खुरहंड गांव में लगभग 40 बीघा जमीन की रजिस्ट्री राम जानकी मंदिर के नाम पर है। पुजारी रामकुमार दास को इस जमीन को संरक्षक नियुक्त किया गया है। ऐसे में जमीन की फसल की बिक्री आदि का काम पुजारी रामदास ही देखते हैं। राम जानकी मंदिर की जमीन पर उगी फसल को बेचकर जो पैसे आते हैं उसी से मंदिर के साल भर के सारे खर्चे चलाया जाता है लेकिन अब फसल न बिकने से मंदिर के पुजारी रामकुमार दास परेशान हैं कि आखिर वह श्री राम का आधार कार्ड के कहां से लायें। साथ ही अगर वह खेत के मालिक यानी भगवान श्रीराम का आधार कार्ड बनवाना भी चाहे तो उसके फिंगर प्रिंट वगैरह कैसे करवाएं।

चर्चा का केंद्र बना हुआ

वहीं इस पूरे मामले पर जब अतर्रा एसडीएम (उपजिलाधिकारी) सौरभ शुक्ला से बात की गयी तो उन्होंने सरकारी क्रय नीति का हवाला देते हुए क्रय केंद्र पर फसल न खरीदे जाने संबंधी असमर्थता जताई थी। उन्होंने कहा इसमें भगवान का आधार कार्ड लाने वाली बात कहां से आई। यह पुजारी ही बता सकते हैं। उन्होंने पुजारी के आधार कार्ड वाले बयान को एक तरह से संभालते हुए उन्होंने कहा कि हो सकता है मैंने आधार कार्ड लाने वाली बात किसी और संदर्भ में कही हो। इधर भगवान श्रीराम का आधार कार्ड मांगा जाना लोगों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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