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राकेश टिकैत ने तोड़ी 13 महीने पुरानी कसम, यूनियन के कार्यकर्ताओं ने ऐसे किया आग्रह

मेरठ। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने तेरह महीने पुरानी कसम तोड़ दी है। उन्होंने कैराना में यूनियन के कार्यकर्ताओं की पसन्द को मान ली। टिकैत ने नेताओं वाली बड़ी माला धारण कर ली। कैराना में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने भी कसम खा रखी थी कि राकेश टिकैत की माला न पहनने की कसम को समाप्त कर देंगे। कार्यकताओं की बात को मानना पड़ा। किसान आंदोलन स्थगित होने के बाद जब राकेश टिकैत पहली बार शामली के कैराना पहुंचे तो उन्होंने शुरुआत में तो माला पहनने से इनकार कर दिया। भाकियू नेताओं के आग्रह को नकार नहीं सके। उन्हें माला पहनना पड़ा। राकेश ने कहा कि उन्हें कार्यकर्ताओं ने जबरदस्ती माला पहना दी। कई महीने बाद माला पहनने के बाद राकेश ने कहा कि एक तरफ कई लोग इकट्ठे हो गए और उन्होंने माला पहना दी। उन्होंने कहा महापंचायत का संदेश यही है कि लोगों से मिलेंगे।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में उनके रोल को लेकर पूछे सवाल पर टिकैत ने कहा कि अपना वोट दे आएंगे। किसको देंगे नहीं बताएंगे। कैराना में बीते दिनों सीएम के आने पर उन्होंने कहा कि सीएम को आना चाहिए। उन्होंने कहा कि नफा नुकसान लाभ हानि सब जनता है। हम तो जनता के पहरेदार हैं। राकेश ने कहा कि किसान मजदूर ही मुख्य मुद्दा है। संयुक्त किसान मोर्चा की कमेटी के सदस्यों में न होने पर राकेश ने कहा कि हम नहीं रहते हम सिर्फ निगरानी बाहर से रखेंगे।

राकेश को कार्यकर्ताओं ने पगड़ी भी पहनाई। उन्होंने कहा कि 13 महीने दिल्ली में आंदोलन चला। आंदोलन के बारे में पंजाब के लोगों से सीखना चाहिए। पंजाब के सिस्टम को अख्तियार करना चाहिए। उन्होंने कहा इस आंदोलन में हर गांव से अनाज गया और आटे का कोई धर्म नहीं था। टिकैत ने कहा कि आंदोलन के उस गांव की याद हमेशा आएगी। वैचारिक क्रांति पूरे हिंदुस्तान में गई। टिकैत काफी देर तक एमएसपी के बारे में किसानों को महापंचायत में समझाते रहे। राकेश ने कहा कि कैराना के मजदूरों को पानीपत जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार कमजोर नहीं है। ठीक काम करोगे तो आपको वोट देंगे।

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