टेक दिए प्रशासन ने अपने घुटने, मिली राहुल व प्रियंका को हाथरस जाने की अनुमति, लेकिन..

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पूरा देश इस समय अगर आक्रोशित है तो वो सिर्फ हाथरस की 19 वर्षीय बेटी के साथ हुई उस हैवानियत को लेकर, जिसने पूरे देश को दहला दिया। समस्त देश पीड़िता को इंसाफ दिलाने हेतु अपनी आवाज को बुलंद कर रहा है। हर कोई चाहता है कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले। इसके लिए लगातार कोशिश जारी है। उधर, विपक्षी दल लगातार सूबे की सरकार पर निशाना साध रहे हैं। इस बीच अब मुलाकातों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। वहीं, अब खबर है कि बीते दिनों हाथरस जाने के क्रम में नाकाम रहे राहुल गांधी व प्रियंका गांधी को इस बार हाथरस जाने  की इजाजत मिल गई है, मगर कुछ शर्तों के साथ। बता दें कि हाथरस जाने से पहले उन्हें कुछ नियमों का पालन करना होगा। अगर वो इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो फिर उन्हें हाथरस जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

आखिरकार काफी जद्दोजहद के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गाधी व कांग्रेस के पांच नेताओं को हाथरस जाने की अनुमति मिली है। लेकिन ऐसे दौर में जब कोरोना का रौब और खौफ अपने चरम पर पहुंच रहा है, तो ऐसे में यह निर्देश जारी किया गया कि सभी के मुंह पर मास्क लगे रहना अनिवार्य है। सभी नेता सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें। कुल मिलाकर लब्बोलुआब यह है  कि कोरोना काल के दौरान निर्धारित किए गए नियमों का अनुपालन करना होगा। बता दें कि इस बार हाथरस जाने के क्रम में राहुल की बहन प्रियंका गाडी ड्राइव कर रहीं थीं। उधर , राहुल व प्रियंका को हाथरस जाने की अनुमति मिलने के बाद डीएनडी पर कई कार्यकर्ता जुटे हुए दिखे।

इस संदर्भ में जॉइंट सीपी लव कुमार डिप्टी कमिश्नर रणवीर सिंह ने राहुल गांधी के साथ बात की है। उधर, बताया जा रहा है कि डीएनडी पर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोविड काल में निर्धारित किए गए नियमों की जमकर धज्जिजां उड़ाई। इससे पहले जब राहुल गांधी हाथरस जाने के क्रम में नाकाम हुए थे तो यूपी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू कुमार सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। विदित हो कि इससे पहले जब राहुल, प्रियंका समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथरस जाने की कोशिश की तो फिर पुलिस ने उनके खिलाफ महामारी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर लिया था। ये भी पढ़े :राहुल गांधी के हाथरस जाने पर भड़कीं स्मृति ईरानी, बोलीं- यह इंसाफ नहीं राजनीति है