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वाराणसी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने रविवार वाराणसी में किसान न्याय रैली में केन्द्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार पर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने वाराणसी से सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। प्रियंका से पहले सहारनपुर में सपा नेता अखिलेश यादव ने एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरा। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रविवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने अपने चुनाव अभियान को तेज कर दिया है। सहारनपुर में अखिलेश यादव ने रैली की।

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लखीमपुर कांड पर तल्खी

प्रियंका ने कहा कि ये देश भ्रष्ट हो रहा है। जितने भी इश्तेहार, होर्डिंग लग रहे हैं, इनके पीछे जो सचाई है, आप जानते हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई से लोग परेशान हैं। सच बोलने में भय है। उन्होंने कहा कि चुनाव की बात नहीं है, अब देश की बात है। ये देश भाजपा के पदाधिकारियों, मंत्रियों, प्रधानमंत्री की जागीर नहीं है, ये देश आपका है। इस देश को कौन बचाएगा? कौन बचाएगा इस देश को?

उन्होंने कहा कि अगर आप जागरूक नहीं बनेंगे। आप इनकी राजनीति में उलझे रहेंगे तो न आप अपने आप को बचा पाएंगे और न देश को। आप किसान हो, इस देश की आत्मा हो। उन्होंने कहा कि मंच पर जितने भी नेता बैठे हैं, आपने बनाया है उन्हें। जो आपको आंदोलनकारी कहते हैं, आतंकवादी कहते हैं, उनको न्याय देने के लिए मजबूर करिए। कांग्रेस के जितने भी कार्यकर्ता हैं, किसी से नहीं डरते हैं। हमें जेल में डालिए, हमें मारिए, हमें कुछ भी कर लीजिए, हम लड़ते रहेंगे, जब तक गृह राज्यमंत्री इस्तीफा नहीं देंगे, हम लड़ते रहेंगे, हिलेंगे नहीं।

उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं, हमने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी है। हमें कोई चुप नहीं कर सकता है। कोई नहीं रोक सकता और जितने भी लोग मेरी बातों को सुन रहे हैं, वो अपने अंतर्मन में झांकिए और अपने आप से सिर्फ एक सवाल पूछिए कि जब से ये सरकार आई है, इन पिछले 7 सालों में क्या आपके जीवन में तरक्की आई है या नहीं? विकास आपके द्वार पर आया है या नहीं? जो वचन आपसे किए गए थे, वो निभाए गए हैं या नहीं? और इमानदारी से जवाब दीजिए। अगर आपका जवाब न है तो मेरे साथ खड़े होइए और लड़िए। उन्होंने कहा कि परिवर्तन लाइए. अपने देश को बदलिए. क्योंकि मैं तब तक नहीं रुकूंगी जब तक परिवर्तन न आए।

इस देश में पीएम और उनके दोस्त सुरक्षित : प्रियंका

प्रियंका ने आगे कहा कि समझ लीजिए जब-जब मैं बात करती हूं लोगों से, एक बात उभरती है कि यहां कुछ हो नहीं रहा है. कमाई नहीं है, रोजगार नहीं है, किसान त्रस्त है, नदियों के पास रहने वाला निषाद त्रस्त है, महिला त्रस्त है, दलित त्रस्त है, लेकिन सब पूछते हैं कि दीदी मीडिया में आता है कि सब सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि इस देश में दो लोग ही सुरक्षित हैं। एक जो भाजपा के साथ जुड़ा है और दूसरे उनके खरबपति मित्र। इस देश का न मजदूर सुरक्षित है, न मल्लाह निरक्षित है, न दलित सुरक्षित, न गरीब सुरक्षित है, न महिला सुरक्षित है। इस देश में सिर्फ प्रधानमंत्री, उनके मंत्री, उनकी पार्टी के लोग, जो सत्ता में हैं और उनके खरबपति दोस्त सुरक्षित हैं।

कानून लागू हुए तो सब छिन जाएगा

प्रियंका ने कहा कि जब लखीमपुर में शहीद नक्षत्र सिंह के घर गई, तो पता चला कि उनका बेटा सीमा सुरक्षा बल में दाखिल हुआ है। जब मैं अगले परिवार से मिलने गई तो बताया गया कि उनके भाई-बहन सेना में देश की सेवा करते हैं। जब मैं पत्रकार रमन कश्यप के घर गई तो बताया गया कि वो वीडियो ले रहे थे, इसलिए उन्हें कुचल दिया गया। सारे परिवारों ने मुझसे कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। अगर सरकार, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, गृह राज्यमंत्री, विधायक सभी मिले हुए हैं तो जनता किसके पास जाए। उन्हांेने कहा कि अब न्याय मांगना अपराध हो गया है।

प्रियंका ने कहा, आप जानते हैं कि किसान ने 9-10 महीनों से एक आंदोलन जारी रखा है। 300 दिन से अधिक ये आंदोलन चला है। 600 से ज्यादा किसान शहीद हुए हैं। ये आंदोलन इसलिए कर रहे हैं क्योंकि ये जानते हैं कि तीन कानून के जरिए उनके जमीन, आमदनी, फसल सब उनके खरबपति मित्रों के पास जाने वाली है। मोदीजी के मित्रों ने पिछले साल हिमाचल से सेब 88 रुपये किलो में खरीदा था, इस साल वही सेब 72 रुपये किलो में खरीद रहे हैं। इसलिए मनचाहे ढंग से कीमत घटा दी गई। ये स्थिति पूरे देश में होगी। जब इनके कानून लागू होंगे, तो आपकी खेती, फसल सब छीना जाएगा।

लोग न्याय की उम्मीद छोड़ चुके

वाराणसी में प्रियंका किसान न्याय रैली को संबोधित कर रहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय लोगों को ये उम्मीद नहीं थी कि ये सरकार उनकी मदद करेगी। उसके बाद हाथरस में अपराध हुआ. सरकार ने अपराधियों को नहीं रोका। उन्होंने कहा कि हम न्याय की उम्मीद नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में जो हुआ. इस देश के गृह राज्यमंत्री के बेटे ने अपने गाड़ी के नीचे चार किसानों को निर्ममता से कुचल दिया। परिवार कहते हैं कि हमें पैसे नहीं चाहिए, हमें मुआवजा नहीं चाहिए, हमें न्याय चाहिए। सरकार मंत्री और उसके बेटे को बचाने में लगी रही. विपक्षी नेताओं को रोकने में लगी रही। उन्होंने कहा कि ये देश एक आस्था है, एक उम्मीद है, न्याय की उम्मीद पर इस देश को आजादी मिली। जब महात्मा गांधीजी आजादी की लड़ाई लड़ने गए तो उनके दिल में था कि सबको न्याय मिलना चाहिए। न्याय पर हमारा संविधान आधारित है लेकिन इस देश में न्याय की उम्मीद सब छोड़ चुके हैं।

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