Wednesday, December 8, 2021

काशी विश्वनाथ धाम का PM MODI 13 को करेंगे शुभारंभ, कॉरिडोर प्रोजेक्ट में ऐसी रहेंगी सुविधायें

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नई दिल्ली/ वाराणसी। अयोध्या में श्रीराम मंदिर लोकसभा चुनाव 2024 से पहले साल 2023 के अंत तक ही तैयार हो जाने की पूरी सम्भावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम परियोजना, गंगा तट पर ललिता घाट को काशी विश्वनाथ मंदिर से जोड़ने वाली परियोजना का यूपी चुनाव से पहले 13 दिसंबर को शुभारंभ करेंगे। 10 दिसंबर तक परियोजना को पूरा करने के लिए दिन-रात काम हो रहा है। काम में तेजी लाने के लिए लगभग 400 अतिरिक्त श्रमिकों को लाया गया है। बहुराष्ट्रीय कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग को ऑपरेशनल प्लानिंग का काम दिया गया था। प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में होने की वजह से यह परियोजना उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए भाजपा की प्राथमिकता सूची में है।

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गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को वाराणसी में कहा कि विपक्ष हमें यह कहते हुए निशाना बनाता था कि हम कभी नहीं बताते कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर किस दिन बनेगा। उन्होंने कहा कि अब श्रीराम मंदिर भी बन रहा है और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट भी तैयार है। बीजेपी अगले महीने पीएम के दौरे के तहत कॉरिडोर के भव्य अनावरण कार्यक्रम की योजना बना रही है। बीजेपी के सोशल मीडिया के सह-संयोजक शशि कुमार ने कहा कि देश की सभी प्रमुख नदियों से पानी लाकर जलाभिषेक होगा। समारोह के लिए सभी ज्योतिर्लिंगों के पुजारी यहां आएंगे।

साल 2018 में शुरू हुई थी परियोजना

प्रधानमंत्री मोदी ने मार्च 2018 में अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 400 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की थी। परियोजना के तहत मौजूदा विरासत को संरक्षित करना, पीपीपी मॉडल के तहत मंदिर परिसर में नई सुविधाएं देना, मंदिर के आसपास के लोगों के आवागमन और आवाजाही को आसान बनाना और मंदिर को सीधे घाटों से जोड़ने की योजना है। कॉरिडोर के काम के दौरान सैकड़ों छोटे मंदिर खोजे गए जिन्हें संरक्षित कर गलियारे का हिस्सा बना दिया गया है।

वाराणसी में ललिता घाट से मंदिर परिसर में मंदिर चैक तक 20-25 फीट चैड़ा गलियारा बनाने की योजना है। योजना की तैयारी है कि एक समय में कम से कम 2 लाख लोगों की आने में भी कोई दिक्कत नही हो। इस परियोजना में तीर्थयात्रियों के लिए यात्री सुविधा केंद्र, गेस्टहाउस, धर्मशाला, पुस्तकालय और संग्रहालय जैसी कई सुविधाए भी बनाई गयी हैं। इस परियोजना के तहत बड़ी संख्या में सार्वजनिक शौचालय, श्रद्धालुओं की सुरक्षा साथ ही एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी व्हीकल्स के एंट्री की भी सुविधा होगी।

परिसर के भीतर गंगा-व्यू कैफे, तीन मंजिला एम्पोरियम स्पेस से घिरा मंदिर चैक, फूड कोर्ट, दुकानें, आध्यात्मिक किताबों की दुकान, वीआईपी गेस्ट हाउस, मुमुक्षु भवन, वैदिक केंद्र, भोग शाला शामिल हैं। साथ ही एक पर्यटक सुविधा केंद्र, तीन यात्री सुविधा केंद्र, शौचालय ब्लॉक, सिटी संग्रहालय और वाराणसी गैलरी की भी योजना है। इन सेवाओं को पीपीपी मॉडल पर चलाया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि परियोजना स्थल पर अधिकांश बुनियादी ढांचा तैयार है। अंतिम चरण में फिनिशिंग का काम जारी है। फिनिशिंग के अलावा कॉरिडोर से मलबा हटाने और ट्रकों की मदद से इसे बाहर निकालने का काम हो रहा है। लगभग 43,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में सफेद संगमरमर का उपयोग किया गया है।

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