इटावा। जिला जेल परिसर में शनिवार तड़के तीन बजे ताबड़तोड़ फायरिंग से कैदियों में हड़कंप मच गया। हमले की नीयत से डिप्टी जेलर के आवास पर फायरिंग की गई। दरवाजों और दीवारों पर गोलियों के निशान मिले हैं। ताबड़तोड़ फायरिंग के बीच डिप्टी जेलर अपनी जान बचाने के लिए घर के अंदर कमरे में छिप गए। डिप्टी जेलर सैय्यद एस.एच. जाफरी पर पूर्व में भी हमला हो चुका है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जिला कारागार में डिप्टी जेलर एसएच जाफरी देर रात करीब 3:30 बजे अपने आवास से जेल परिसर में निरीक्षण के लिए जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने रास्ते में उन्हेंं घेरकर फायरिंग की और जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। जेल परिसर में मौजूद गार्ड जब तक कुछ समझ पाते तब तक हमलावर फरार हो गए।

इस घटना से एक बार फिर उत्तर प्रदेश में जेलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस को वहां पर गोली के खोखे नहीं मिले हैं, लेकिन दरवाजों व दीवारों पर गोलियों के निशान मिले हैं। सुबह की शिफ्ट की गश्त करने के लिए देर रात करीब 3.30 बजे अपने आवास से जेल के लिए निकले थे एसएच जाफरी। जेल की बैरकों से महज सौ मीटर की दूरी पर घर व जेल के बीच तीन चार लोग उनको खड़े दिखाई दिये, इस पर उन्होंने टोका। उनके टोकते ही बदमाशों ने गालियां दागते हुए फायरिंग शुरू कर दी।

फायरिंग की घटना से जाफरी भागकर अपने आवास में घुस गए। उनके अंदर घुसने के बाद भी बदमाशों ने पीछा किया और दरवाजा खुलवाने का भी प्रयास किया। दरवाजा नहीं खोला तो बदमाशों ने दरवाजे पर कई गोलियां चलाईं। डिप्टी जेलर ने घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों के साथ ही पुलिस को दी। कुछ ही देर में सीओ सिटी राकेश वशिष्ठ भारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए लेकिन तब तक बदमाश भाग चुके थे।

जेल अधीक्षक राज किशोर सिंह के अनुसार डिप्टी जेलर पर हमला जेल में बंद रहे किसी बदमाश ने ही किया होगा, इसकी छानबीन की जा रही है। बता दें कि डिप्टी जेलर एसएच जाफरी पर करीब दो साल पहले भी उनके आवास में एक बदमाश ने घुसकर हमला किया था। तब वह बदमाश से भिड़ गए थे। तब भी बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकला था। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और डिप्टी जेलर से बातचीत की उन्होंने बताया कि डिप्टी जेलर ने तहरीर दी है।

इसे भी पढ़ें:गोरखपुर में 76 गांव पानी से घिरे, 43 हजार 412 लोग प्रभावित, खतरे के निशान से ऊपर है नदियों का जलस्तर