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अधिसूचना के साथ ही चुनावी मोड में आयेंगी मायावती, बसपा महासचिव ने कही ये बात

लखनऊ। विधानसभा से पहले सभी राजनीतिक लगातार रैलियां कर रहे है। चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं बसपा प्रमुख मायावती अभी चुनावी मोड में नहीं आयी हैं। सोमवार को बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि आचार संहिता लागू होने के तुरंत बाद बसपा सुप्रीमो पूरे प्रदेश सभायें करेंगी। उन्होंने कहा कि वो हर जिले में जायेंगी। हम बीजेपी की तरह नहीं है कि सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर एक पत्थर लगाये और वोट मांगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चुनाव लड़ने के सवाल पर सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा है कि हम भी यही चाहते है कि सीएम चुनाव लड़ें। सीएम योगी जब चुनाव लड़ेंगे तो खुद देखेंगे कि जनता के बीच में उनके लेकर क्या फीडबैक है। सतीश चन्द्र मिश्रा ने दावा करते हुए कहा कि बीएसपी भी सीएम योगी आदित्यनाथके खिलाफ अपना प्रत्याशी उतारेगी। उन्होंने कहा कि सीएम को चुनाव में हराया भी जाएगा।

यूपी के ब्राह्मण नेताओं के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात को लेकर भी सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि इनके नेता खुद ये जानते है कि पूरे प्रदेश के ब्राहण इनसे नाराज है। यूपी के नेता ये बात समझ चुके है इसलिए पहले ही जाकर अपनी तरफ से हाथ खड़े कर रहे है। उन्होंने कहा कि ब्राहणों को यह समझ में आ गया है कि बहुजन समाज पार्टी ने ही उनको पूरा सम्मान दिया है। इसलिए 2007 की तरह 2022 के चुनाव में ब्राहण एकजुट होकर मायावती को मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी कर रहे है। इत्र कारोबारियों के छापेमारी पर सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा है कि इसके लिए इंतजार करना होगा कि अंत में इनकम टैक्स की तरफ से क्या तथ्य सार्वजनिक किया जाता है?

ब्राह्मणों को जोड़ने की जिम्मेदारी

मायावती ने 9 अक्टूबर को काशीराम स्मारक स्थल पर परिनिर्वाण दिवस मनाया था। इस सभा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसको चुनावी रैली नहीं माना जा सकता है। वहीं ब्राह्मणों से जोड़ने के लिए मायावती ने पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को जिम्मेदारी दी हुई है। सतीश की पत्नी कल्पना मिश्र का भी ब्राह्मण समाज की महिलाओं साधने की जिम्मेदारी निभा रही हैं।

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