yogi aditynath

लखनऊ। गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बनने वाला एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की नींव रखने से पहले लखनऊ में इसको विकसित करने वाली स्विटजरलैंड की कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनैशनल एजी और भारत में उसकी सब्सिडियरी कंपनी यमुना इंटरनैशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के बीच शेयर होल्डिंग समझौता हो गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में शेयर होल्डिंग एग्रीमेंट हुआ। ज्यूरिख एयरपोर्ट व यमुना इंटरनैशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम जमीन को लीज पर देने की डीड फाइनल कर दी गयी है। इस दौरान बताया गया कि एयरपोर्ट के पहले चरण को 1334 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट का प्रेजेंटेशन भी देखा।

योगी आदित्यन ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि जेवर एयरपोर्ट का कार्य कोरोना महामारी के बावजूद समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के विकास में यह एरयपोर्ट मील का पत्थर साबित होगा। उत्तर प्रदेश 2024 तक 1 ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जेवर एयरपोर्ट सहायक बने इसका प्रयास करना होगा।
प्रदेश में पांच अंरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेष में सिर्फ दो ही एयरपोर्ट थे जहां पर फ्लाइट सर्विस होती थी। एक लखनऊ और दूसरा वाराणसी। वर्तमान में प्रदेश मे 8 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। कुशीनगर इंटरनैशनल एयरपोर्ट के लिए कार्य पूरा कर चुके हैं।

अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम इंटरनैशनल एरयपोर्ट के लिए भी जमीन अधिग्रहण का काम अंतिम चरण में है। सीएम योगी ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट एक सपना था। नागरिक उड्डयन विभाग के नाम मौजूद यह जमीन अब नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के नाम ट्रांसफर की जाएगी। इसके बाद नियाल यह जमीन ज्यूरिख एयरपोर्ट की सब्सिडरी कंपनी यमुना इंटरनैशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर देगी। नियाल में यूपी सरकार व नोएडा प्राधिकरण का 37.5-37.5: और ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण का 12.5-12.5: शेयर है।

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