लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर सेल और गौतमपल्ली थाने की पुलिस ने यौन शक्ति बढ़ाने में इस्तेमाल किए जाने वाला तेल बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। आरोपितों ने पूर्व सूचना आयुक्त से 38 लाख रुपये हड़प लिए थे। गिरोह ने दो फर्जी कम्पनी बना रखी थी। ई-मेल के जरिए वह लोगों को सस्ते दाम में ओरिजिनल सैंपल बेचते थे। इसके बाद दूसरी फर्जी कंपनी के ईमेल से महंगे दाम में उसे खरीद लेते थे। एसीपी साइबर सेल विवेक रंजन राय के अनुसार मुनाफा देखकर लोग लालच में आ जाते थे। इसके बाद ज्यादा माल खरीदने का आर्डर देते थे। इसके एवज में उन्हें मोटी रकम भी ट्रांसफर करनी पड़ती थी। गिरोह ने इसी तरह पूर्व सूचना आयुक्त को डेढ़ लाख रुपये एक बोतल लिंगो लिक्वीड आयल सैंपल के तौर पर भेजा था।

पीड़ित को जब इसके इस्तेमाल व बिक्री में फायदा हुआ तो उन्होंने 38 लाख रुपये का आर्डर दे दिया। इस पर ठगों ने उन्हें बोतल में पानी भरकर भेज दिया और रुपये ठग लिए। पीड़ित ने गौतमपल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसीपी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपितों में महाराष्ट्र का महेश पवार, चेतन पांडूरंग, विक्रांत मंगेश और नाइजीरिया का जॉन उर्फ पैट्रिक शामिल हैं। गिरोह का सरगना जॉन है, जिसने दुबई से सैंपल के तौर पर तेल मंगाकर पीड़ित को बेचा था। आरोपितों में महेश पवार को छोड़कर तीनों आरोपित पहले मुम्बई से जेल जा चुके हैं।

ठगी के बाद आरोपित अपना फोन बंद कर नए शिकार की तलाश में लग जाते थे। गौरतलब है कि पीड़ित पूर्व सूचना आयुक्त दुकान खोलना चाह रहे थे। बताते चलें कि इससे पहले साइबर सेल के ठगों ने लोकायुक्त से लाखों रुपये की ठगी कर ली थी। लखनऊ के एक स्थानीय समाचार पत्र ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया था। दरअसल, पूर्व लोकायुक्त के फोन नम्बर पर मैसेज आया था और ठगों ने उस मैसेज को शेयर करने को कहा था, लोकायुक्त के ऐसा करने पर उनके बैंक खाते से लाखों रुपये ट्रांसफर हो गये थे।

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