सोनिया गांधी के पत्र पर यूपी कांग्रेस में दो फाड़! पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे

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कांग्रेस में पिछले एक सप्ताह से लेटर बम को लेकर राजनीति उफान पर पहुंच गई है, बता दें कि हाल ही में कांग्रेस पार्टी के 23 नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को कुछ संवेदनशील मुद्दों पर पत्र लिखा था। जिसके बाद से पार्टी में सियासी घमासान देखने को मिला। दरअसल नेताओं द्वारा दिए गए इस पत्र पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बीजेपी की साठगांठ में किया गया है। राहुल के इस बयान के बाद कई कांग्रेसी नेताओं की नाराजगी सातवें आसमान पर पहुंच गई। इतना ही नहीं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक गुलाम नबी आजाद ने एक बयान देते हुए कहा कि अगर बीजेपी से साठगांठ की बात सच साबित होती है तो वह पार्टी से इस्तीफा देने को तैयार हैं। वहीं कपिल सिब्बल ने इसे सिद्धांत की लड़ाई बताई। बताया जा रहा है कि जिन 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को संगठन में ऊपर से नीचे तक के स्तर में बदलाव करने को लेकर पत्र लिखा था उसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व मौजूदा राज्यसभा सदस्य राजबब्बर भी शामिल थे।

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दोनों नेताओं की मांग से यूपी कांग्रेस में राजनीतिक घमासान देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं, बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री को लेकर लखीमपुर खीरी में जमकर हंगामा हुआ है।

लखीमपुर खीरी जिला कांग्रेस कमेटी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद पर न सिर्फ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है बल्कि उन्‍हें पार्टी से निकालने के लिए आला अधिकारियों को पत्र भी लिखा है.

हैरानी की बात है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को लेकर बुलाई गई बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला और नगर अध्यक्ष की मौजूदगी में जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए. जबकि इस दौरान बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर कार्यकर्ताओं में एक अलग जोश दिखाई दिया।

बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के खिलाफ चिट्ठी लिखने के लिए कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने खुला विरोध किया है।

जिला कांग्रेस कमेटी ने पत्र में लिखा, ‘ सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी की एकमात्र सर्वमान्‍य नेता हैं. अगर कोई बदलाव होता है तो हमें राहुल गांधी पर भरोसा है, उन्‍हें अध्‍यक्ष बनाया जाए. इसके अलावा सोनिया गांधी की कार्यक्षमता पर उंगली उठाने वालों की कांग्रेस में कोई आस्‍था नहीं है जैसे बात लिखी गयी हैं और नेताओं के बयानों को बीजेपी की नकल करार दिया है।

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