Friday, December 3, 2021

लखीमपुर कांड : आरोपी आशीष, अंकित के GUN से हुई थी फायरिंग, फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में आया ये सच

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लखनऊ। लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों के शस्त्रों की हुई बैलेस्टिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि किसानों को कुचलने के बाद हुई हिंसा के दौरान गोलियां भी चली थी। फायरिंग इन्ही असलहों से हुई है। आरोपियों से बरामद लइसेंसी राइफल, पिस्टल और रिपीटर गन की बैलेस्टिक जांच में यह बात सामने आई है। ज्ञात हो कि मृतकों के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किसी को भी गोली लगने की बात सामने नहीं आई थी, जिसका परिजनों ने विरोध किया था। एक मृतक का दोबारा पोस्टमाॅर्टम कराना पड़ा था।

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मामले की जांच कर रही एसआईटी ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा, अंकित दास और गनर के असलहों की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा था। जांच की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि आशीष मिश्रा की राइफल, अंकित दास की पिस्टल और उनके गनर की रिपीटर गन से फायरिंग की गई थी। मिल रही जानकारी के मुताबिक घटनास्थल से भागने के दौरान लाइसेंसी असलहों से फायरिंग हुई थी। इस रिपोर्ट के बाद अब मामले में और तल्खी आ जाएगी। अभी तक आरोपियों के वारदात स्थल पर होने और फायरिंग से इनकार किया जाता रहा है।

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ज्ञात हो कि 3 अक्टूबर को तिकुनिया इलाके में कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों को कार से रौंद दिया गया था। कार से रौंदे जाने के बाद चार किसानों की मौके पर मौत हो गयी। इस हिंसा में एक पत्रकार सहित और तीन लोगों की मौत हुई है। लखीमपुर कांड में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री टेने के बेटे आशीष मिश्रा, अंकित दास, सुमित जायसवाल समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि जिस गाड़ी से किसानों को रौंदा गया है कि उस गाड़ी का बीमा खत्म हो गया था और यह गाड़ी केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के नाम है।

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