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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर लोकार्पण: जब जब काशी ने करवट ली है तो देश का भाग्य बदला है…

  • भारतवासी की भुजाओं में वो बल है, जो अकल्पनीय को साकार कर देता है : मोदी

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विश्वनाथ कॉरिडोर धाम का लोकार्पण कर दिया है। इस मौके को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने विशाल और व्यापक कार्यक्रम बना दिया है। कार्यक्रम में शामिल होने बीजेपी शासित राज्यों के 12 सीएम और 9 डिप्टी सीएम भी उपस्थित हैं। सदियों की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत समेटे पुरातन नगरी वाराणसी काशी विश्वनाथ का भव्य और दिव्य स्वरूप आज लोगों के सामने आ रहा है। मोदी ने आज विश्वनाथ कॉरिडोर धाम का भव्य अनुष्ठान के बाद लोकार्पण कर दिया है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने लोकार्पण के बाद आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण, भारत को एक निर्णायक दिशा देगा, एक उज्जवल भविष्य की तरफ ले जाएगा। ये काशी विश्वनाथ परिसर, साक्षी है हमारे सामर्थ्य का, हमारे कर्तव्य का। अगर सोच लिया जाए, ठान लिया जाए तो असंभव कुछ भी नहीं। हर भारतवासी की भुजाओं में वो बल है, जो अकल्पनीय को साकार कर देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब भी काशी ने करवल ली है देश का भाग्य बदला है। पीएम मोदी ने कहा कि हम तप जानते हैं, तपस्या जानते हैं, देश के लिए दिन रात खपना जानते हैं। चुनौती कितनी ही बड़ी क्यों ना हो, हम भारतीय मिलकर उसे परास्त कर सकते हैं। भारत वासियों की शक्ति दुनिया देख रही है।

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पीएम मोदी ने कहा कि बनारस वो नगर है जहां से जगद्गुरू शंकराचार्य को डोम राजा की पवित्रता से प्रेरणा मिली। उन्होंने देश को एकता के सूत्र में बांधने का संकल्प लिया। पीएम मोदी कहा कि ये वो जगह है जहां भगवान शंकर की प्रेरणा से गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरित मानस जैसी अलौकिक रचना की। छत्रपति शिवाजी महाराज के चरण यहां पड़े थे। रानीलक्ष्मी बाई से लेकर चंद्रशेखर आजाद तक, कितने ही सेनानियों की कर्मभूमि-जन्मभूमि काशी रही है। भारतेन्दु हरिश्चंद्र, जयशंकर प्रसाद, मुंशी प्रेमचंद,पंडित रविशंकर, और बिस्मिल्लाह खान जैसी प्रतिभाएं इस स्मरण को कहां तक ले जाया जाये।

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पीएम मोदी ने कहा कि काशी अहिंसा, तप की प्रतिमूर्ति चार जैन तीर्थंकरों की धरती है। राजा हरिश्चंद्र की सत्यनिष्ठा से लेकर वल्लभाचार्य, रामानन्द जी के ज्ञान तक चैतन्य महाप्रभु, समर्थगुरु रामदास से लेकर स्वामी विवेकानंद, मदनमोहन मालवीय तक महान ऋषियों, आचार्यों का संबंध काशी की पवित्र धरती से रहा है।
उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यहां अगर औरंगजेब आता है तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कालांतर में आतताइयों की नजर काशी पर रही है। लेकिन यहां अगर औरंगजेब आता है तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं। अगर कोई सालार मसूद इधर बढ़ता है तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा एकता की ताकत का अहसास करा देते हैं। अंग्रेजों के दौर में भी वारेन हेस्टिंग का क्या हश्र काशी के लोगों ने किया था, ये तो काशी के लोग जानते ही हैं। उन्होंने कहा कि आतातायियों ने इस नगरी पर आक्रमण किए, इसे ध्वस्त करने के प्रयास किये। औरंगजेब के अत्याचार, उसके आतंक का इतिहास साक्षी है। जिसने सभ्यता को तलवार के बल पर बदलने की कोशिश की, जिसने संस्कृति को कट्टरता से कुचलने की कोशिश की। लेकिन इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है।

मेरे लिए काशी ईश्वर का रूप : मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि मेरे लिए काशी ईश्वर का रूप है। देश का हर नागरिक ईश्वर का ही अंश है। मेरे लिए आप ईश्वर हैं। ईश्वर मानकर आपसे कुछ मांगता हूं। देश के लिए ये तीन संकल्प मांगता हूं। उन्होंने काशी वासियों का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छता, सृजन और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनवरत प्रयास। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक जब कुछ नया करेगा, इनोवेटिव करने की कोशिश करेगा तब देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाना सभी का प्रयास होना चाहिए।

काशी में एक ही सरकार है : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि काशी तो काशी है! काशी तो अविनाशी है. काशी में एक ही सरकार है, जिनके हाथों में डमरू है, उनकी सरकार है। जहां गंगा अपनी धारा बदलकर बहती हों, उस काशी को भला कौन रोक सकता है? पीएम मोदी ने कहा कि आप जब धाम में आएंगे तो केवल आस्था के दर्शन नहीं करेंगे, आपको यहां अपने अतीत के गौरव का अहसास भी होगा। प्राचीनता और नवीनता एक साथ सजीव हो रही हैं, पुरातन की प्रेरणाएं भविष्य को दिशा दे रही हैं। इसके साक्षात दर्शन विश्वनाथ धाम परिसर में हम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि विश्वनाथ धाम का ये पूरा नया परिसर एक भव्य भवन भर नहीं है, ये प्रतीक है, हमारे भारत की सनातन संस्कृति का, ये प्रतीक है, हमारी आध्यात्मिक आत्मा का। ये प्रतीक है, भारत की प्राचीनता का, परम्पराओं का. भारत की ऊर्जा का, गतिशीलता का। पहले यहां जो मंदिर क्षेत्र केवल तीन हजार वर्ग फीट में था, वो अब करीब 5 लाख वर्ग फीट का हो गया है। अब मंदिर और मंदिर परिसर में 50 से 75 हजार श्रद्धालु आ सकते हैं। यानि पहले माँ गंगा का दर्शन-स्नान, और वहां से सीधे विश्वनाथ धाम में पूजा-अर्चना।

पीएम मोदी ने कि अभी मैं बाबा के साथ साथ नगर कोतवाल कालभैरव जी के दर्शन करके भी आ रहा हूं, देशवासियों के लिए उनका आशीर्वाद लेकर आ रहा हूं। काशी में कुछ भी खास हो, कुछ भी नया हो, उनसे पूछना आवश्यक है. मैं काशी के कोतवाल के चरणों में भी प्रणाम करता हूं।

हजारों वर्षों का सपना पूरा हुआ: पीएम मोदी

सीएम योगी ने कहा कि 1000 साल तक बाबा विश्वनाथ का धाम विपरित परिस्थितियों में रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों की प्रतीक्षा पूरी हुई, ऐसा कहा जाता रहा है कि मां गंगा या तो भगीरथ की जटाओं में उलझी या फिर काशी के मणिकर्णिका घाट पर उलझी रही लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से आज हमको ये उपहार मिला है। काशी ने बहुत कुछ देखा है। 1000 साल बाबा का धाम विपरित हालात में रहा। इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने यहां के लिए योगदान दिया, महाराजा रणजीत सिंह ने भी योगदान दिया लेकिन काशी अपने परिकल्पित स्वरूप में कभी नही आ पाई।

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कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ के धाम का पुनर्निर्माण आयोध्या के मंदिर निर्माण का ही हिस्सा है, हम सबका सौभाग्य है कि बाबा विश्वनाथ आज नए स्वरूप में आ गए हैं। गांधी जी 100 वर्ष पहले इसी काशी की गलियों की गंदगी देखकर अप्रसन्न हुए थे, सरकारें आयी गयी, लेकिन इन काशी की गलियों का सौंदर्यीकरण अब प्रधानमंत्री द्वारा पूरा किया गया। गांधी के नाम पर बहुतों ने सत्ता प्राप्त की, लेकिन वाराणसी को स्वच्छ करने के सपने को हम सब ने साकार किया है। अब भव्य काशी दिव्य काशी हो चुकी है।

सफाई कर्मचारियों पर पुष्पवर्षा, साथ में फोटो सेशन

काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अनुष्ठान के बाद पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम परिसर के दर्जनों सफाई कर्मचारियों पर पुष्पवर्षा की। पीएम मोदी घूम घूमकर सफाई कर्मचारियों के पास पहुंचे। इसके बाद पीएम मोदी ने सफाई कर्मचारियों के साथ फोटो खिंचवाई।

पूरे परिसर का लिया जायजा

काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के बाद पीएम मोदी ने पूरे परिसर का जायजा लिया। उन्होंने नए निर्माण को देखा और पूरे परिसर में घुमे।

रूस-रोमानिया से पहुंचे भक्त

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की भव्यता का दर्शन करने के लिए रोमानिया और रूस से भक्त पहुंचे हैं। रोमानिया की रहने वाली कैमेलिया अपने दोस्तों के साथ काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पहुंची हैं। उनका कहना है कि उन्हें वाराणसी से प्रेम हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने दोस्तों के साथ काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में प्रवेश के लिए उत्सुक हैं।

काफिला रुकवाकर मोदी ने बंधवाई पगड़ी

पीएम मोदी जब खिड़किया घाट से ललिता घाट जा रहे थे तो पूरे रास्ते में लोग उन पर पुष्प वर्षा कर रहे थे। इस दौरान कुछ लोग माला लेकर पीएम मोदी का इंतजार कर रहे। उन्हें देखकर पीएम मोदी ने अपनी कार रुकवाई। इसके बाद एक बुजुर्ग व्यक्ति ने पीएम मोदी को माला पहनाई। उन्होंने पगड़ी धारण किया।

काशी बम बम बोल रहा है

ललिता घाट पर मौजूद लोगों ने कहा कि अब काशी की तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। आज काशी बम बम बोल रहा है। लोगों ने कहा कि काशी की स्वच्छता में बड़ा बदलाव आया है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने और पीएम मोदी की झलक पाने के लिए यहां आए हैं। पीएम मोदी ललिता घाट पर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद पीएम ने गेरुआ वस्त्र धारण किया। इसके बाद पीएम मोदी ने गंगा नदी में डुबकी लगाई। गंगा की लहरों के बीच पीएम मोदी लंबे समय तक रहे। उन्होंने स्नान करने के बाद पूजन और ध्यान किया। पीएम मोदी ने मां गंगा की गोद में उतरकर पूजा भी की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे. पूरा घाट एसपीजी के हवाले है।

काशी पहुंचकर अभिभूत हूं : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने वाराणसी दौरे की तस्वीरें शेयर की है। पीएम मोदी ने कहा है कि काशी पहुंचकर अभिभूत हूं।

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